
Deepfake के खिलाफ सरकार की बड़ी तैयारी, लोकसभा चुनाव से पहले सभी थानों में लगेगा स्पेशल टूल
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Deepfake Video Detector: लोकसभा 2024 चुनाव से पहले सरकार एक बड़ी चुनौती के हल में लग गई है. टेक्नोलॉजी के बढ़ते गलत इस्तेमाल की वजह से डीपफेक वीडियोज चुनाव में एक बड़ी मुसीबत बन सकते हैं. ऐसे में गृह मंत्रालय ऐसे वीडियो को लेकर बड़ी तैयारी कर रही है. सूत्रों की मानें तो इसके लिए एक्सपर्ट्स की एक टीम तैनात की जाएगी.
Deepfake दुनियाभर में बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. इसका इस्तेमाल गलत जानकारियों को फैलाने या फिर किसी को बदनाम करने में किया जा सकता है. ऐसे में एक बड़ा डर चुनावों में इसके इस्तेमाल का है. इसे लेकर सरकार ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. सूत्रों की मानें तो सरकार 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले डीपफेक डिटेक्शन एक्सपर्ट्स की टीम तैनात करेगी.
गृह मंत्रालय का साइबर विंग डिपार्टमेंट जल्द ही डीपफेक डिटेक्शन टूल लेकर आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक इस पर बड़े स्तर पर काम चल रहा है, जिसमें BPRD (ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट) और MHA के I4C (इंडियन साइबरक्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर) डिपार्टमेंट रिसर्च करके डीपफेक डिटेक्शन टूल बना रहा है.
मंत्रालय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक देशभर के हर एक साइबर थाने में इस डिटेक्शन टूल को पुलिस को सौंप जाएगा. इसके आधार पर डीपफेक वीडियो को डिटेक्ट करने में सहायता मिलेगी.
Deepfake को आप वीडियो एडिटिंग या फोटो मॉर्फिंग का बेहतर वर्जन समझ सकते हैं. इस तरह के वीडियो में किसी शख्स की पब्लिक फोटोज और वीडियो की मदद से एक गलत वीडियो तैयार किया जाता है. इस तरह की वीडियोज का मकसद किसी को बदनाम करना या फिर गलत जानकारी फैलाना हो सकता है.
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ऐसे वीडियोज़ का इस्तेमाल विरोधियों के खिलाफ चुनाव प्रचार में और सामाजिक संकट उत्पन्न करने के उद्देश्य से किया जा सकता है. MHA साइबर विंग सूत्रों के मुताबिक, यह टूल ना सिर्फ डीपफेक वीडियो को डिटेक्ट करेगा, बल्कि इसे बनाने वाले व्यक्तियों को खोजने में मदद करेगा.

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