
Chandra Grahan 2025: चंद्र ग्रहण से पहले बाढ़ और भूस्खलन का कहर, ज्योतिषविद ने बताई ये वजह
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Chandra Grahan 2025: वैदिक ज्योतिष में चंद्र ग्रहण को खगोलीय घटना माना जाता है. पौराणिक मान्यता है कि पूर्णिमा की रात जब राहु और केतु चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं, तब चंद्र ग्रहण लगता है. साल का पहला चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025, रविवार को लगने जा रहा है. इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव भारत और विदेश की भौगोलिक स्थिति पर भी देखने को मिलेगा.
Chandra Grahan 2025: 7 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा पर साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में दृश्यमान होगा. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 घंटे 28 मिनट तक चलेगा और कुंभ राशि और पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा. खगोलविदों के अनुसार, चंद्र ग्रहण पृथ्वी की स्थिति के कारण होता है. पृथ्वी जब वह सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है और सूर्य की रोशनी को चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है, तब चंद्र ग्रहण लगता है. आइए जानते हैं कि साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का देश और दुनिया की भौगोलिक स्थिति पर कैसा प्रभाव रहने वाला है.
चंद्र ग्रहण का भारत की भौगोलिक स्थिति पर प्रभाव
ज्योतिषविद राजकुमार शास्त्री के मुताबिक, जब भी किसी पूर्णिमा तिथि पर चंद्र ग्रहण लगता है तो वह ज्योतिष के नजरिए से बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. पूर्णिमा तिथि पर राहु-चंद्रमा का योग चंद्र ग्रहण की स्थिति को पैदा करता है. जैसा कि सूर्य सिद्धांत में भी वर्णित है. जब भी ऐसी ग्रहों की स्थिति का निर्माण होता है तो प्राकृतिक आपदाओं की प्रबल संभावनाएं रहती हैं.
चंद्र ग्रहण के कारण जल सैलाब का सबसे अधिक प्रकोप रहता है, क्योंकि चंद्रमा जल का कारक होता है. ऐसे में बाढ़, भारी वर्षा या जल सैलाब का खतरा अधिक देखने को मिलता है. पहाड़ों में विशेष रूप से इसका प्रकोप देखने को मिलेगा, क्योंकि चंद्रमा वनस्पतियों का भी स्वामी है. इसलिए, पहाड़ी क्षेत्रों में इस प्रकार की आपदाएं ज्यादा घटित होती नजर आएंगी.
इन प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव जनमानस और पशुओं दोनों पर देखने को मिलता है. समाज की स्थिति हर नजरिए से खतरे में दिखती है. हाल ही में हमने जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और भूस्खलन देखा. इसके अलावा, वैष्णो देवी में बाढ़ और भूस्खलन की घटना हुई. धराली में बादल फटने से बाढ़ ने कहर मचा दिया. फिर लगातार भारी बारिश के चलते पंजाब के कई बड़े शहर पानी में डूब गए.
चंद्र ग्रहण से किन लोगों को रहना होगा सावधान?

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