
Chandra Grahan 2024 Dos And Donts: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज, इस अशुभ पहर में नहीं करनी चाहिए ये 5 गलतियां
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Chandra Grahan 2024: भारतीय समयानुसार, साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 18 सितंबर यानी आज सुबह 06.12 बजे से लेकर सुबह 10.17 बजे तक रहने वाला है. चंद्र ग्रहण की अवधि 05 घंटे 04 मिनट की होगी. इस दौरान सुबह 08.14 बजे चंद्र ग्रहण अपने पीक पर होगा.
Chandra Grahan 2024 Dos And Donts: आज साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लग रहा है. संयोगवश आज पितृपक्ष का पहला श्राद्ध भी किया जाएगा. भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण 18 सितंबर को यानी आज सुबह 06.12 बजे से लेकर सुबह 10.17 बजे तक रहने वाला है. चंद्र ग्रहण की अवधि 05 घंटे 04 मिनट की होगी. इस दौरान सुबह 08.14 बजे चंद्र ग्रहण अपने पीक पर होगा. ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण काल को बहुत ही अशुभ माना गया है. कहते हैं कि ग्रहण की अवधि में किए गए कार्य सिद्ध नहीं होते हैं. इसलिए इसमें शुभ कार्यों की मनाही होती है. आइए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण के दौरान कौन से कार्य वर्जित माने जाते हैं.
1. खान-पान से परहेज: ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन पकाने या खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है. बल्कि सूतक काल शुरू होने से पहले ही पके हुए खाने में तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए. ताकि ग्रहण का अशुभ प्रभाव खाने पर न पड़े.
2. तुलसी के पत्ते: तुलसे के पौधे में स्वयं माता लक्ष्मी का वास होता है. इसलिए अगर आप ग्रहण के प्रभाव से खान-पान को दूषित होने से बचाने के लिए इसके पत्ते का प्रयोग करते हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए. ग्रहण काल में तुलसी के पत्ते बिल्कुल नहीं तोड़ने चाहिए. तुलसी के पत्तों को सूतक काल से पहले ही तोड़कर रख लेना चाहिए.
3. नए कार्यों की शुरुआत: ज्योतिषविद यह भी कहते हैं कि चंद्र ग्रहण के अशुभ काल में किसी भी नए कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए. यदि आप किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं या गृह प्रवेश या कोई दूसरा शुभ काज करना चाहते हैं तो ग्रहण काल के बाद ही करें.
4. गर्भवती महिलाएं: गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. जैसे- घर से बाहर न निकलना या किसी वस्त्र से स्वयं को ढक कर रखना आदि. इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को धारदार या नुकीले औजारों का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए.
5. नकारात्मक ऊर्जा का भय: कुछ लोग मानते हैं कि चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है. इसलिए शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. इस दौरान श्मशान या सुनसान जगहों पर जाने से भी बचना चाहिए.

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