
BJP नेताओं को फंसाने के लिए महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रची साजिश! CBI ने दर्ज की FIR
AajTak
सीबीआई ने दो साल की प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज किया है. जांच की शुरुआत 2020 में विपक्ष में रहे देवेंद्र फडणवीस द्वारा तत्कालीन महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी गई एक पेन ड्राइव से हुई थी. आरोप है कि विशेष लोक अभियोजक चव्हाण ने जलगांव जिला मराठा विद्या प्रसारक सहकारी समाज के ट्रस्टी और वकील विजय पाटिल और तत्कालीन गृह मंत्री और एनसीपी (एसपी) नेता देशमुख के साथ मिलकर भाजपा नेता गिरीश महाजन को फंसाने की साजिश रची थी, जो अब मंत्री हैं.
सीबीआई ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, तत्कालीन विशेष लोक अभियोजक प्रवीण पंडित चव्हाण और दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ 2020 में राज्य के शीर्ष भाजपा नेताओं को झूठे मामले में फंसाने की कथित साजिश के लिए नई एफआईआर दर्ज की है. दरअसल, सीबीआई ने दो साल की प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज किया है. जांच की शुरुआत 2020 में विपक्ष में रहे देवेंद्र फडणवीस द्वारा तत्कालीन महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी गई एक पेन ड्राइव से हुई थी. पेन ड्राइव में कथित वीडियो थे, जिसमें दिखाया गया था कि विशेष लोक अभियोजक चव्हाण ने जलगांव जिला मराठा विद्या प्रसारक सहकारी समाज के ट्रस्टी और वकील विजय पाटिल और तत्कालीन गृह मंत्री और एनसीपी (एसपी) नेता देशमुख के साथ मिलकर भाजपा नेता गिरीश महाजन को फंसाने की साजिश रची थी, जो अब मंत्री हैं.
2020 में, पाटिल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि 2018 में, उन्हें पुणे के एक होटल में ले जाया गया था, जहाँ उन्हें अज्ञात लोगों द्वारा प्रताड़ित किया गया था, जिन्होंने उन्हें अन्य ट्रस्टियों के साथ इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया और उन्हें बताया कि महाजन जलगांव जिला मराठा विद्या प्रसारक सहकारी समाज लिमिटेड का अधिग्रहण करना चाहते हैं. सीबीआई ने कहा कि शिकायत को पहले जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज किया गया था और बाद में पुणे स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां इसे 5 जनवरी, 2021 को दर्ज किया गया था.
पीटीआई के मुताबिक वर्तमान में उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने पेन ड्राइव में 100 घंटे से अधिक की वीडियो रिकॉर्डिंग प्रस्तुत की, जिससे पता चलता है कि यह मामला भाजपा नेताओं को निशाना बनाने की साजिश का हिस्सा था. मामले को पहले सीआईडी और बाद में जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया था. सीबीआई की प्रारंभिक जांच के दौरान, महाजन सहित चार विधायकों ने केंद्रीय एजेंसी से संपर्क किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि चव्हाण को वीडियो रिकॉर्डिंग में स्पष्ट रूप से साजिश रचते और साजिश रचते और भाजपा के विभिन्न प्रमुख नेताओं को फंसाने के लिए उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलीभगत करते हुए देखा जा सकता है.
विधायकों ने आरोप लगाया कि वीडियो रिकॉर्डिंग से साफ पता चलता है कि चव्हाण एफआईआर का मसौदा तैयार करने के पहले चरण से ही महाजन और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करवाने, गवाहों को प्रशिक्षित करने, नकद भुगतान की व्यवस्था करने, जांच अधिकारियों को निर्देश देने आदि में शामिल हैं, इसके अलावा उन्होंने चाकू रखकर मामले को मकोका के तहत फिट करने की कोशिश की है.
सीबीआई ने कहा, "आरोप है कि जलगांव जिला मराठा विद्या प्रसारक सहकारी समाज लिमिटेड, जो क्षेत्र में 30 से अधिक शैक्षणिक संस्थान चलाता है, पर नियंत्रण हासिल करने के लिए भाजपा नेताओं और अन्य लोगों को झूठे तरीके से फंसाने की साजिश रची गई थी."
एजेंसी ने आरोप लगाया कि आपराधिक साजिश को आगे बढ़ाने के लिए विशेष लोक अभियोजक चव्हाण, पाटिल, तत्कालीन डीसीपी पूर्णिमा गायकवाड़ और एसीपी सुषमा चव्हाण ने भाजपा नेताओं और अन्य निर्दोष व्यक्तियों को झूठे तरीके से फंसाने के लिए गवाहों और सबूतों के बयानों को गढ़ा. एफआईआर में सीबीआई ने देशमुख के अलावा चव्हाण, पाटिल, गायकवाड़ और सुषमा चव्हाण को भी आरोपी बनाया है.

देश के विभिन्न इलाकों में आग लगने की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के डोरू में नगरवन के जंगल में लगी आग ने लोगों में डर और दहशत फैला दी है. फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रही है. उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ के जंगलों में भीषण आग लगी है, जिसका धुआं दूर तक दिखाई दे रहा है. बिहार की राजधानी पटना के एक बाजार में लगी आग को समय पर नियंत्रण में ले लिया गया.

दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में एक भयावह वारदात हुई जिसमें चार युवकों ने 25 वर्षीय युवक आकाश उर्फ अक्कू की चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी. यह घटना बुधवार की शाम घटी और इसका पूरा वीडियो गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया. वीडियो में साफ नजर आता है कि आरोपी युवक पर जानबूझकर हमला कर रहे हैं. इस वारदात ने इलाके में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है और स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है.

राजस्थान के कोटपूतली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक हाईटेंशन विद्युत लाइन को छूने के इरादे से बिजली के खंभे पर चढ़ गया. युवक को खंभे पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. करीब दो घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद अधिकारियों और ग्रामीणों की समझाइश से युवक सुरक्षित नीचे उतर आया. गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.










