
5 साल में 38 दिन स्कूल गई टीचर, वेतन लिया पूरा, टर्मिनेशन के बाद भी कर रही नौकरी
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अक्सर हमने बच्चों को देखा है कि उनका स्कूल जाने का मन नहीं होता या वो बहुत ज्यादा छुट्टी मार लेते हैं लेकिन हैरानी तब होती है जब ऐसा शौक किसी अध्यापक में आ जाये और 5 साल यानी 62 महीने में वो सिर्फ 38 दिन ही स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जाए लेकिन पैसा पूरे 62 महीने का ले.
अक्सर हमने बच्चों को देखा है कि उनका स्कूल जाने का मन नहीं होता या वो बहुत ज्यादा छुट्टी मार लेते हैं लेकिन हैरानी तब होती है जब ऐसा शौक किसी अध्यापक में आ जाये और 5 साल यानी 62 महीने में वो सिर्फ 38 दिन ही स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जाए लेकिन पैसा पूरे 62 महीने का ले. (रामपुर से आमिर खान की रिपोर्ट) वैसे तो बेसिक शिक्षा विभाग को शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी माना जाता है लेकिन हज़ारों रुपये महीने का वेतन पाने वाले शिक्षक और विभाग के अधिकारियों की हकीकत बेहद ही अनोखी है. रामपुर में 62 महीने से तैनात रही गैर हाजिर मैडम प्रीति यादव ने सरकार से वेतन तो पूरा लिया लेकिन इस अवधि में सिर्फ 38 दिन ही स्कूल में हाज़िर हुई. बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की फ़ौज इनके खिलाफ खूब लिखा-पढ़ी करती रही, कागजी घोड़े दौड़ाती रही लेकिन इस गैर हाजिर शिक्षिका का बिगाड़ कुछ भी न पाई. प्रीति यादव के खिलाफ टर्मिनेशन आदेश भी लिखा जा चुका है लेकिन अभी भी वो उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में नौकरी कर रही है.
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