
'2% सिख आबादी के लिए कनाडा में ही बना दो खालिस्तान', भारतवंशी नेता ने ट्रूडो को उसी भाषा में दिया जवाब
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कनाडा में भारत से गए सिखों की अच्छी खासी आबादी रहती है. कनाडा इन सिखों का कुछ सालों से भारत के खिलाफ कूटनीतिक इस्तेमाल करता रहा है. विदेशी एजेंडे के प्रभाव में आकर यहां कुछ सिख भारत में खालिस्तान बनाने की मांग उठाते रहते हैं. कनाडा ऐसे ही सिखों की मांग को खाद-पानी देता रहता है. लेकिन इस बार कनाडा में कई सालों से रह रहे एक पंजाबी नेता ने इसी देश में खालिस्तान बनाने की मांग उठाकर बाजी पलट दी है और ट्रूडो को फंसा दिया है.
भारत में खालिस्तान की चिंगारी को हवा देकर भड़का रहे कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो अब अपनी ही कूटनीति में फंसते नजर आ रहे हैं. ट्रूडो से कनाडा में रहने वाले एक प्रभावशाली पंजाबी नेता ने ऐसी मांग की है जिसका जवाब देना उनके लिए आसान नहीं होगा. ये मांग इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि इसे कनाडा में सालों से रह रहे एक प्रभावशाली पंजाबी शख्स की ओर से उठाया गया है.
कनाडा स्थित ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर और पंजाबी मूल के भारतवंशी उज्ज्वल दोसांझ ने कहा है कि अगर कनाडा में सिखों का एक छोटा सा समूह खालिस्तान चाहता है तो उन्हें अल्बर्टा या फिर सस्कैचवान (Saskatchewan) में सिखों के लिए खालिस्तान बना देना चाहिए. अल्बर्टा और सस्कैचवान दोनों ही कनाडा के वैसे राज्य है जहां भारत से आए सिखों की आबादी अच्छी खासी है.
...तो कनाडा में बना दें खालिस्तान
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में उज्ज्वल दोसांझ ने कहा कि भारत और कनाडा को वार्ता की शुरुआत करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वैसे कनाडाई जो खालिस्तान की मांग कर रहे हैं वो भारत को तोड़ने नहीं जा रहे हैं. भारत के सिख खालिस्तान नहीं चाहते हैं. मैं इस साल की शुरुआत में मई में पंजाब में था और मैं इसकी पुष्टि कर सकता हूं. तो फिर भारत को इन नारेबाजों की इतनी चिंता क्यों होनी चाहिए...
कनाडा में लंबे समय तक संसदीय राजनीति करने वाले उज्ज्वल दोसांझ ने कहा कि कनाडा में सिखों की आबादी मात्र 2 प्रतिशत है, यदि कनाडा में इस छोटे समुदाय का एक वर्ग खालिस्तान चाहता है, तो उन्हें अलबर्टा या सस्कैचवान में खालिस्तान दे देना चाहिए, भारत को इतना खतरा क्यों महसूस होना चाहिए?
कनाडा में कितने सिख?

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