
DGCA का इंडिगो पर सबसे बड़ा एक्शन... ठोका 22 करोड़ का जुर्माना, VP को पद से हटाने के निर्देश
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डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में इंडिगो फ्लाइट संकट के लिए एयरलाइन की गंभीर लापरवाही सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो पर 22 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही निर्देशों के पालन और दीर्घकालिक सिस्टम सुधार सुनिश्चित करने के लिए डीजीसीए के पक्ष में 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश दिया गया है.
इंडिगो फ्लाइट संकट मामले पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. रिपोर्ट में इंडिगो एयरलाइंस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है. डीजीसीए ने इंडिगो पर कुल 22 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा एयरलाइन को डीजीसीए के पक्ष में 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी, ताकि निर्देशों का पालन और लंबे समय के लिए सिस्टम में सुधार सुनिश्चित किया जा सके.
डीजीसीए के आदेश के मुताबिक, 50 करोड़ रुपये की इस बैंक गारंटी के तहत एक सुधार ढांचा बनाया गया है, जिसे इंडिगो सिस्टमिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम (ISRAS) नाम दिया गया है. इसका मकसद भविष्य में ऐसी अव्यवस्थाओं को रोकना है.
इसके साथ ही इंडिगो पर छह अलग-अलग प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर एकमुश्त आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. हर उल्लंघन पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इस तरह कुल एकमुश्त जुर्माना 1 करोड़ 80 लाख रुपये बैठता है.
वाइस प्रेसिडेंट को हटाने के निर्देश
डीजीसीए ने इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है. एयरलाइन के सीईओ को उड़ान संचालन और संकट प्रबंधन में समग्र निगरानी की कमी को लेकर चेतावनी दी गई है. अकाउंटेबल मैनेजर यानी सीओओ को विंटर शेड्यूल 2025 और संशोधित उड़ान ड्यूटी समय सीमा नियमों के असर का सही आकलन न करने पर चेतावनी जारी की गई है. वहीं सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने और भविष्य में किसी भी जवाबदेह पद पर नियुक्त न करने के निर्देश दिए गए हैं.
डीजीसीए की जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उड़ानों में भारी देरी और रद्द होने की मुख्य वजह जरूरत से ज्यादा ऑपरेशन को ऑप्टिमाइज करना, नियामकीय तैयारियों की कमी और सिस्टम सॉफ्टवेयर से जुड़ी खामियां रहीं. इसके अलावा इंडिगो के प्रबंधन ढांचे और ऑपरेशनल कंट्रोल में भी गंभीर कमियां पाई गईं.

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