
132 साल बाद दीवार में दफन मिली बोतल में बंद चिट्ठी, पढ़कर इंजीनियर्स के उड़े होश
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समुद्र किनारे एक लाइट हाउस की दीवार के अंदर से कांच की बोतल में बंद 132 साल पुरानी चिट्ठी मिली. इस चिट्ठी में कुछ ऐसा लिखा था, जिसे पढ़कर लाइट हाउस के मेंटेनेंस का काम कर रहे इंजीनियर हैरत में पड़ गए.
स्कॉटलैंड में एक ऐतिहासिक लाइटहाउस के रेनोवेशन का काम चल रहा था. इस दौरान इंजीनियरों को एक बोतल में 132 साल पुरानी चिट्ठी मिली. चिट्ठी में जो कुछ लिखा था, उसे पढ़कर इंजीनियरों के होश उड़ गए, क्योंकि उसमें उनके आज के काम से संबंधित बातें लिखी थीं.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक 36 वर्षीय इंजीनियर रॉस रसेल ने इस शानदार खोज के बारे में बीबीसी को बताया कि यह नोट वाकई में सनसनीखेज था. इसे देख मैं पूरी तरह से आश्चर्यचकित था. रसेल और उनकी टीम किर्ककोलम में कॉर्सवॉल लाइटहाउस के रेनोवेशन का काम कर रहे थे. जब उन्होंने लाइटहाउस की एक दीवार के अंदर से बोतल को खोजा. इस लाइट हाउस को 1817 में बनाया गया था.
लाइटहाउस के मालिक ने कहा- इसमें है खजाने का नक्शा लाइटहाउस के मालिक ने शुरू में मजाक में कहा था कि यह चर्मपत्र एक खजाने का नक्शा है. लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि यह 1892 में इंजीनियरों और लाइटहाउस के रखवालों द्वारा क्विल स्याही से लिखा गया एक संदेश था. वे कॉर्सवॉल चौकी के टॉप पर एक नए फ्रेस्नेल लेंस लगा रहे थे, जो एक तरह का रोशनी देने वाला लालटेन था. यह वही उपकरण था, जिस पर वर्तमान में इंजीनियर काम कर रहे थे.
1892 में लिखी गई थी चिट्ठी सितंबर 1892 की तारीख वाले नोट में लिखा था- यह लालटेन जेम्स वेल्स इंजीनियर, जॉन वेस्टवुड मिलराइट, जेम्स ब्रॉडी इंजीनियर, डेविड स्कॉट लेबरर, जेम्स मिल्ने एंड सन इंजीनियर्स, मिल्टन हाउस वर्क्स, एडिनबर्ग की फर्म द्वारा मई से सितंबर के महीनों के दौरान स्थापित की गई थी और गुरुवार रात 15 सितंबर 1892 को इसे फिर से जलाया गया था.
लाइट हाउस में लगने वाले उपकरण का था विवरण चिट्ठी में आगे लिखा था कि ' इस समय स्टेशन पर निम्नलिखित रखवाले थे, जॉन विल्सन प्रिंसिपल, जॉन बी हेंडरसन प्रथम सहायक, जॉन लॉकहार्ट द्वितीय सहायक.' पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लेंस और मशीन की आपूर्ति जेम्स डोव एंड कंपनी इंजीनियर्स ग्रीनसाइड एडिनबर्ग द्वारा की गई थी और विलियम बर्नेस, जॉन हैरोवर, जेम्स डोड्स द्वारा स्थापित की गई थी, जो उस फर्म के इंजीनियर थे.
इन्हीं उपकरणों का हो रहा था रेनेवोशन इंजीनियरों के ग्रुप ने चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट को पूरा करने के बाद ये चिट्ठी लिखी थी, जिसे पूरा होने में पूरी गर्मी लग गई. फिर उन्होंने इस नोट को पुरानी कांच की बोतल में कॉर्क के साथ भर दिया और इसे समुद्री नेविगेशन स्टेशन की दीवार के अंदर बने एक खाली स्थान में डाल दिया. जहां ये चिट्ठी अब तक अनदेखी थी.

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