
सुकन्या समृद्धि योजना के बदले 5 नियम, बिटिया के भविष्य को संवारना अब और आसान!
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SSY Scheme: बदलाव के बाद इस योजना में निवेश को और आसान बना दिया गया है. ये बेहतर मौका है, उन अभिभावकों के लिए जिनके घर में 10 साल से कम उम्र की बिटिया है.
सरकारी स्मॉल सेविंग योजना (Small Saving Scheme) कैटेगरी में सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) एक पॉपुलर बचत योजना है. अगर आपके घर में 10 साल से कम उम्र की बिटिया है, तो उसके नाम पर अकाउंट ओपन करवा सकते हैं.
केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़े 5 बड़े बदलाव किए हैं. बदलाव के बाद इस योजना में निवेश को और आसान बना दिया गया है. ये बेहतर मौका है, उन अभिभावकों के लिए जिनके घर में 10 साल से कम उम्र की बिटिया है. आइए जानते हैं, SSY योजना में क्या बदलाव हुए हैं?
1. अब अकाउंट नहीं होगा डिफॉल्ट सुकन्या समृद्धि योजना में हर साल कम से कम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करने का प्रावधान है. पहले न्यूनतम राशि जमा नहीं कराने पर अकाउंट डिफॉल्ट हो जाता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब अकाउंट को दोबारा एक्टिव नहीं कराने पर मैच्योर होने तक खाते में जमा राशि पर लागू दर से ब्याज मिलता रहेगा.
2. तीसरी बेटी के अकाउंट पर भी टैक्स छूट पहले इस योजना में दो बेटियों के खाते पर 80C के तहत टैक्स छूट का प्रावधान था. तीसरी बेटी के लिए यह फायदा नहीं था. लेकिन अब अगर एक बेटी के बाद दो जुड़वां बेटियां हैं, तो इन दोनों के लिए भी खाता खोलने का प्रावधान है, और टैक्स छूट मिलेगा.
3. अब 18 साल की उम्र में लड़की कर पाएगी अकाउंट ऑपरेट पहले के नियम के मुताबिक बेटी की उम्र 10 साल पूरी होने पर वह खुद अपने अकाउंट को ऑपरेट कर सकती थी. लेकिन अब बेटी की उम्र 18 साल पूरी होने पर ही ऑपरेट करने का अधिकार मिलेगा. इससे पहले बेटी के अभिभावक इस अकाउंट को ऑपरेट कर सकेंगे.
4. अब अकाउंट बंद कराना आसान सुकन्या समृद्धि योजना के अकाउंट को पहले बेटी के गुजर जाने या उसका पता बदलने पर बंद किया जा सकता था. लेकिन अब अगर अकाउंट होल्डर्स को जानलेवा बीमारी हो जाए तो भी अकाउंट को बंद कराया जा सकता है. अगर अभिभावक का निधन हो जाए तो भी अकाउंट मैच्योरिटी से पहले बंद कराया जा सकता है.

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