
'वक्फ बिल का समर्थन करने पर मिल रहीं धमकियां, लेकिन मैं डरने वाला नहीं', बोले शाहनवाज हुसैन
AajTak
वक्फ बिल का समर्थन करने पर शाहनवाज हुसैन ने सोशल मीडिया के जरिए खुद को धमकियां मिलने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि बिल का समर्थन करने पर मुझे लगातार सोशल मीडिया के जरिए धमकियां दी जा रही हैं. लेकिन मैं इन धमकियों को लेकर डरने वाला नहीं हूं.
लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी वक्फ बिल पास हो गया है. वक्फ बिल का समर्थन करने पर शाहनवाज हुसैन ने सोशल मीडिया के जरिए खुद को धमकियां मिलने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि मुझे ढेर सारी धमकियां मिल रही हैं. क्योंकि मैंने वक्फ बिल का समर्थन किया है और सरकार का पक्ष रखा है. लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं. मैं किसी धमकी से डरने वाला नहीं हूं. गालियों से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है.
इधर, वक्फ बिल को लेकर चिराग पासवान ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मामले में सिर्फ भ्रम फैलाने का काम कर रहा है. CAA के समय भी भ्रम फैलाया था. लेकिन समय के साथ मुसलमानों को भी पता चला कि किसी की नागरिकता नहीं गई. बावजूद इसके विपक्ष झूठ फैलाकर मुसलमानों को डराने का काम करता रहता है.
आपको बता दें कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 शुक्रवार को राज्यसभा में 12 घंटे से अधिक लंबी बहस के बाद पारित हो गया. विधेयक के पक्ष में कुल 128 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 95 वोट पड़े. अब इस विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास उनकी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. उसके बाद यह कानून बन जाएगा.
यह भी पढ़ें: वक्फ बिल पर JDU में बेचैनी! बिहार चुनाव से पहले पार्टी को यूं ही नहीं सता रहा डर, बदलती सियासी तस्वीर ये कहती है
इससे पहले गुरुवार को लोकसभा ने 12 घंटे से ज़्यादा चली बहस के बाद इस विधेयक को मंज़ूरी दे दी थी. निचले सदन में इस विधेयक का 288 सांसदों ने समर्थन किया जबकि 232 ने इसके ख़िलाफ़ वोट किया. राज्यसभा में विधेयक पर एनडीए और इंडिया ब्लॉक के नेताओं के बीच तीखी बहस हुई.
राज्यसभा में बहस में भाग लेते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विधेयक को विभिन्न हितधारकों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर कई संशोधनों के साथ लाया गया है. बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा, "वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है. सभी सरकारी निकायों को धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए." हालांकि, उन्होंने कहा कि गैर-मुस्लिमों की संख्या 22 में से केवल चार तक सीमित कर दी गई है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










