
एक SMS ने उड़ाए ₹3.81 लाख, फर्जी ट्रैफिक चालान के जाल में फंसे पुणे में तैनात कर्नल
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पुणे में तैनात भारतीय सेना के एक कर्नल से फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर 3.81 लाख रुपये की साइबर ठगी हो गई. आरोपी ने सरकारी लिंक जैसा मैसेज भेजकर 590 रुपये का चालान भरने को कहा. लिंक खोलते ही क्रेडिट कार्ड से 32 हजार 939 हॉन्गकॉन्ग डॉलर की अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन हो गई. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है.
पुणे में डिफेंस एस्टैब्लिशमेंट में तैनात भारतीय सेना के कर्नल साइबर ठगी का शिकार हो गए. फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर भेजे गए एक नकली सरकारी लिंक ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड में फंसा दिया. इस ठगी में उनके क्रेडिट कार्ड से 3.81 लाख रुपये की अवैध निकासी हो गई. मामले का खुलासा तब हुआ जब कर्नल ने पुणे के चतुष्श्रृंगी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार देर रात शुरू हुई, जब कर्नल को एक संदिग्ध मैसेज मिला. मैसेज में उनके वाहन पर ट्रैफिक उल्लंघन का जुर्माना बकाया होने की बात कही गई थी. व्यस्तता के कारण उन्होंने मैसेज तुरंत नहीं खोला और अगले दिन सुबह उस लिंक पर क्लिक किया.
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नकली सरकारी पेज देखकर हुआ भरोसा
मैसेज में दिया गया लिंक एक ऐसे वेबपेज पर ले गया, जो देखने में पूरी तरह सरकारी भुगतान पोर्टल जैसा लग रहा था. उस पेज पर 590 रुपये का ट्रैफिक चालान दिखाया गया था. पेज की बनावट और भाषा से कर्नल को यह असली सरकारी वेबसाइट लगी.
भरोसा होने पर कर्नल ने भुगतान की प्रक्रिया शुरू की और अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी भर दी. उन्होंने ओटीपी डालकर पेमेंट कन्फर्म किया. लेकिन कुछ ही पलों में उनके क्रेडिट कार्ड से 32 हजार 939 हॉन्गकॉन्ग डॉलर की राशि कट गई, जो सीधे हॉन्गकॉन्ग के एक होटल के खाते में ट्रांसफर हो गई.

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