
राहुल गांधी के अमेरिका दौरे पर क्यों छिड़ी सियासी बहस, 5 साल में कांग्रेस नेता के वो विदेश दौरे जिनपर हुआ विवाद
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राहुल गांधी अपने अमेरिका दौरे पर हैं जहां उन्होंने बीजेपी, मोदी और आरएसएस पर तीखे हमले किए हैं. राहुल के बयानों ने देश की राजनीति में हंगामा मचा दिया है, खासकर सिख, आरक्षण और ताजा लोकसभा चुनाव को लेकर. आइए इस रिपोर्ट में जानते हैं पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड, जब राहुल विदेश गए और देश में छिड़ गया विवाद.
कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों अमेरिका दौरे पर हैं और वहां विभिन्न कार्यक्रमों में भाषण दे रहे हैं. उन्होंने अपने भाषणों में विशेष रूप से बीजेपी, पीएम मोदी और आरएसएस पर हमले कर रहे हैं. पहले टेक्सास, फिर वर्जीनिया और उसके बाद वॉशिंगटन में राहुल के बयानों ने राजनीतिक भूचाल मचा दिया है. आइए इस रिपोर्ट में जानते हैं पिछले कुछ सालों का ब्यौरा, जब राहुल विदेश गए और उनके बयानों पर देश में विवाद हुआ.
राहुल ने वर्जीनिया में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि अब बीजेपी से डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने पीएम मोदी पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का 56 इंच का सीना और भगवान से सीधा संपर्क, ये सब अब इतिहास बन चुका है. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और बीजेपी को मिली 240 सीटों पर भी संदेह जताया.
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राहुल गांधी की ताजा अमेरिका यात्रा
बीजेपी ने राहुल के अमेरिका में दिए बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि वह कैसे विपक्ष के नेता हैं जो विदेश में जाकर देश को बदनाम करते हैं. इनके अलावा, राहुल ने अपने बयान में सिख समुदाय का उदाहरण देते हुए बताया कि वह जिस लड़ाई में हैं, उसमें सिखों को भारत में पगड़ी और कड़ा पहनने की इजाजत देने की मांग शामिल है. इस पर भी विवाद खड़ा हो गया है.
राहुल गांधी ने आरएसएस पर यह कहते हुए हमला किया कि वह भारत को नहीं समझती. उन्होंने कहा कि आरएसएस के विचारों में तमिल, मराठी, बंगाली और मणिपुरी जैसी भाषाओं को कमतर माना जाता है. हर राज्य का अपना इतिहास और परंपरा होती है, और आरएसएस की विचारधारा इनकी उपेक्षा करती है.

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