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राष्ट्रपति की तरफ से सुपर ड्रोन के लिए EOI जारी, भारत बनाएगा जासूसी फौज; ADE खोज रही पार्टनर
Zee News
Remote Control Drone: भारत ने बिना किसी अनुभव के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ऐसा लड़ा की पूरी दुनिया मुरीद हो गई. अब दिशा में भारत एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है, जिसके लिए इंडियन राष्ट्रपति की तरफ से EOI जारी किया गया है.
Remote Control Drone: भारत ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में खुद को साबित किया है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ऐसा जाल बुना की चाइना की PL-15 और तुर्की सैकड़ों ड्रोन बेकार हो गए. पाकिस्तान गर्म होकर ठंडा हो गया, कुछ भी नहीं कर पाया. यही वजह है कि भारत अपने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम को और मजबूत करने जा रहा है. इसके लिए एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) ने हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (HALE) रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम के विकास के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है. यह EOI 24 दिसंबर 2025 को जारी किया गया है.

Ajit Pawar plane crash: बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जिस विमान में सवार थे, वह देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया. जिस Bombardier Learjet 45XR को आसमान का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता था, वही आज मातम का सबब बन गया. इस विमान का इतिहास और इसकी तकनीकी खूबियां अब जांच के दायरे में हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.








