
ये खास तरह का पॉर्न आने वाले दिनों में बन सकता है 'महामारी', विशेषज्ञों का दावा
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आज से तीन दशक पहले तक लोगों के पास इंटरनेट नहीं था, ऐसे में पॉर्न कल्चर भी ना के बराबर था. हालांकि जैसे जैसे दुनिया तकनीकी तौर पर बेहतर हुई है, उसी स्तर पर पॉर्न की दुनिया भी विकसित हुई है. अब एक प्रमुख कानूनी विशेषज्ञ का दावा है कि डीपफेक पॉर्नोग्राफी आने वाले समय में यौन शोषण की महामारी साबित हो सकती है.
आज से तीन दशक पहले तक लोगों के पास इंटरनेट नहीं था, ऐसे में पॉर्न कल्चर भी ना के बराबर था. हालांकि जैसे जैसे दुनिया तकनीकी तौर पर बेहतर हुई है, उसी स्तर पर पॉर्न की दुनिया भी विकसित हुई है. अब एक प्रमुख कानूनी विशेषज्ञ का दावा है कि डीपफेक पॉर्नोग्राफी आने वाले समय में यौन शोषण की महामारी साबित हो सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty Images) कुछ सालों पहले तक किसी शख्स के चेहरे को बदलकर उसकी इमेज को मोडिफाई करने की खबरें आती रही हैं लेकिन डीपफेक तकनीक के चलते यही प्रक्रिया अब वीडियो में भी दोहराई जाने लगी है जो आने वाले दौर में कई लोगों खासकर महिलाओं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty Images) डीपफेक एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसमें कंप्यूटर तकनीक का इस्तेमाल कर किसी भी इंसान के शरीर पर कोई भी चेहरा रखा जा सकता है और ये तकनीक इतनी कारगर है कि इसमें कहीं से भी ऐसा प्रतीत नहीं होता कि किसी व्यक्ति की बॉडी पर किसी दूसरे शख्स का चेहरा इस्तेमाल किया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty Images)
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