
मूसेवाला हत्याकांड: लॉरेंस बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ीं, एक महीने में दूसरी पर रिमांड में ले सकती है NIA
AajTak
सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी को एनआईए ने शुक्रवार को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है. वहीं एनआईए लॉरेंस बिश्नोई को एक बार फिर से अपनी कस्टडी में ले सकती है. पिछले महीने भी बिश्नोई को 10 दिन की एनआईए रिमांड में भेजा था.
पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला में हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर एनआईए लॉरेंस बिश्नोई की कस्टडी ले सकती है. लॉरेंस अभी पंजाब पुलिस की कस्टडी में है. इससे पहले भी एनआईए लॉरेंस बिश्नोई को अपनी कस्टडी में लेकर उससे पूछताछ कर चुकी है.
NIA ने दिल्ली में की शुक्रवार को शाहबाज की गिरफ्तारी की थी. इस पर आरोप था कि उसने लॉरेंस गैंग को हथियार सप्लाई किए थे. इसके बाद बेचे गए इन्हीं हथियारों से मूसेवाला की हत्या हुई थी. एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि शाहबाज के चाचा, पिता भी हथियार तस्कर हैं. 2016 में पाकिस्तान से आए हथियारों की सप्लाई की इन्होंने ही की थी. कुछ समय पहले दिल्ली स्पेशल सेल ने दोनों रिजवान अंसारी और फुरकान को गिरफ्तार किया है.
10 दिन की रिमांड में भेजा जा चुका है बिश्नोई
पटियाला हाउस कोर्ट ने पिछले महीने 24 नवंबर को सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को 10 दिन की एनआईए कस्टडी में भेजा था. तब एनआईए ने कोर्ट से कहा था कि पाकिस्तान से सामग्री आ रही है. मूसेवाला जैसे लोग सिर्फ निशाने पर होते हैं. एक बड़ी साजिश की जांच की जा रही है. एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई को उसके खिलाफ दर्ज एक मामले में हिरासत में लिया. वह वर्तमान में राज्य में उसके खिलाफ कुछ अन्य मामलों में बठिंडा जेल में बंद है.
एनआईए ने 23 नवंबर को बताया था कि उसने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ UAPA के तहत केस दर्ज कर उसे बठिंडा जेल जाकर उसे अरेस्ट कर लिया था. असल में बिश्नोई के आतंकवाद से भी कनेक्शन जुड़ रहे थे, कई तरह के इनपुट सामने आ रहे थे. उसी मामले में NIA ने उसके खिलाफ ये एक्शन लिया है.
दिल्ली से पंजाब पूछताछ के लिए लाया गया था

राजस्थान के कोटपूतली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक हाईटेंशन विद्युत लाइन को छूने के इरादे से बिजली के खंभे पर चढ़ गया. युवक को खंभे पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. करीब दो घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद अधिकारियों और ग्रामीणों की समझाइश से युवक सुरक्षित नीचे उतर आया. गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.












