
मुनीर से मुलाकात के 100 दिन बाद ट्रंप के दरवाजे पर शहबाज, इन दो एजेंडों से अमेरिका की हमदर्दी पाने की कोशिश!
AajTak
संयुक्त राष्ट्र महासभा की मीटिंग में हि्स्सा लेने अमेरिका जा रहे शहबाज शरीफ एक बार फिर से पुराने एजेंडे पर टिके हुए हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि शहबाज शरीफ एक बार फिर से कश्मीर का मुद्दा उठाएंगे और इस्लामोफोबिया का शिकार होने के बहाने अमेरिका की हमदर्दी लेने की कोशिश करेंगे.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की सालाना बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. शहबाज शरीफ की राष्ट्रपति ट्रंप से ये मीटिंग पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर की ट्रंप से हुई बैठक के लगभग 100 दिन बाद होगी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज UNGA की मीटिंग में हिस्सा लेने अमेरिका आ रहे हैं.
इस दौरे में पाकिस्तान जिस चीज को प्रमुखता से हाईलाइट कर रहा है वो है दुनिया के कुछ 'चुनिंदा मुस्लिम नेताओं' के साथ ट्रंप की उनकी मुलाकात. इसके अलावा शहबाज कश्मीर मुद्दे को UNGA के मंच पर उठाकर फिर से हमदर्दी लेने की कोशिश करेंगे.
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, "प्रधानमंत्री क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ चुनिंदा इस्लामी नेताओं (Select Muslim leaders) की बैठक में भी भाग लेंगे."
ऑपरेशन सिंदूर के बाद शहबाज शरीफ की अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ ये पहली मुलाकात होगी. इससे पहले उन्होंने 18 जून को सेना प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल सैयद असीम मुनीर से मुलाकात की थी. ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की करारी हार के बाद बने तनावपूर्ण माहौल में आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात की थी.
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के अनुसार शहबाज शरीफ की न्यूयॉर्क की अपनी यात्रा 22 सितंबर 2025 से शुरू होगी. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान एक बार फिर से अपने पुराने एजेंडे पर काम करेगा और कश्मीर के मुद्दे पर अपना पुराना राग गाएगा. माना जा रहा है कि 24-25 सिंतबर को शरीफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में प्रधानमंत्री शहबाज कश्मीर के मुद्दे को उठाएंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.











