
'हाथ-पैर बांधकर पुरुषों के बीच बैठाया...', अमेरिका में भारतीय महिला की गिरफ्तारी से दर्द में बेटी
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त प्रवासी नीतियों से अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रभावित हो रहे हैं. अमेरिका में पिछले 30 सालों से रह रही 60 वर्षीय बबली कौर को हिरासत में लिया गया है. बबली का ग्रीन कार्ड आवेदन लंबित है और वे बायोमेट्रिक स्कैन के लिए गई थीं जब उन्हें गिरफ्तार किया गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रवासियों को लेकर जो सख्त नीति अपनाई है, उसकी जद में वैध तरीके से अमेरिका में रह रहे लोग भी आ रहे हैं. ट्रंप की सख्त प्रवासी नीतियों का असर अमेरिका में रह रहे भारतीयों पर भी हुआ. इसका ताजा उदाहरण हैं 60 साल की भारतीय महिला बबली कौर, जो 1994 से अमेरिका में रह रही हैं.
बबली कौर कैलिफोर्निया के लॉन्ग बीच में ग्रीन कार्ड इंटरव्यू के लिए गई थीं लेकिन अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी US Immigration and Customs Enforcement (ICE) ने उन्हें हिरासत में ले लिया. यह जानकारी Long Beach Watchdog की एक रिपोर्ट में सामने आई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, बबली कौर का ग्रीन कार्ड आवेदन लंबित है हालांकि, यह अंतिम चरण में है. वो ग्रीन कार्ड आवेदन के लिए बायोमेट्रिक स्कैन अपॉइंटमेंट के लिए गई थी और फेडरल एजेंट्स ने उन्हें गिरफ्तार किया. यह जानकारी उनकी बेटी जोती ने दी.
बबली कौर के पास उनकी दूसरी बेटी (जो अमेरिकी नागरिक हैं) की ओर से स्वीकृत ग्रीन कार्ड याचिका है. उनके पति के पास भी ग्रीन कार्ड है.
जोती ने बताया कि 1 दिसंबर को उनकी मां अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी के कार्यालय के फ्रंट डेस्क पर बैठी थीं, तभी कई फेडरल एजेंट आए. इसके बाद कौर को उसी कमरे में बुलाया गया जहां एजेंट मौजूद थे और उन्हें बताया गया कि उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है.
कौर ने तब अपने वकील से बात करने की इजाजत मांगी, इजाजत तो मिली लेकिन उन्हें हिरासत में ही रखा गया. कई घंटों तक परिवार को यह जानकारी नहीं दी गई कि कौर को कहां ले जाया गया है. बाद में परिवार को पता चला कि उन्हें रातों-रात एडेलांटो स्थानांतरित कर दिया गया, जो पहले एक फेडरल जेल थी और अब ICE का डिटेंशन सेंटर है.

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