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भारत और ओमान की सेना को देख दुश्मनों का बिलबिलाना तय, कितनी खास रही आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता?
Zee News
भारतीय सेना और रॉयल आर्मी ऑफ ओमान ने रक्षा सहयोग को नई गति दी. भारत और ओमान के बीच तीसरी आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता में कई खास मुद्दों पर चर्चा हुई, ऐसे में आपको इस रिपोर्ट के जरिए इस वार्ता से जुड़ी कई अहम पहलुओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं.
भारतीय सेना और रॉयल आर्मी ऑफ ओमान के बीच महत्वपूर्ण संवाद आयोजित किया गया. सैन्य स्तर की यह वार्ता नई दिल्ली में 22 से 23 अक्टूबर को हुई. यह भारतीय सेना और रॉयल आर्मी ऑफ ओमान के बीच तीसरी आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता है. भारतीय सेना के मुताबिक इस दो दिवसीय बैठक में दोनों देशों की सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक का उद्देश्य भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और अधिक सुदृढ़ और व्यापक बनाना था. Indian Army Strengthens Defence Cooperation with the Royal Army of Oman : देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें .
The 3rd Army-to-Army Staff Talks between the and the was held in New Delhi from 22 - 23 October 2025.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








