बिना कोरोना वैक्सीन लगाए स्कूल खोलना सही फैसला है या गलत, जानिए एक्सपर्ट की राय
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कोरोना वैक्सीन आने के बाद देशभर के स्कूल खुल रहे हैं. वहीं अभिभावक अभी भी इस चिंता में हैं कि स्कूल खुलने पर बच्चे कितना सेफ रहेंगे. क्या बिना वैक्सीन के बच्चों को स्कूल भेजना सेफ है. एक्सपर्ट से जानिए...
अब जबकि बच्चों के लिए भी कोविड की वैक्सीन आ गई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या टीकाकरण के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजना सही होगा? दूसरे देशों में जहां कोमॉर्बिटीज से ग्रसित बच्चों को पहले वैक्सीन लगाने की बात हो रही है, वहीं भारत में इसे लेकर किस तरह की बात चल रही है. नेशनल कोविड-19 टास्क फोर्स कमेटी के वरिष्ठ सदस्य और एईएफआई कमेटी के सलाहकार डॉ. एनके अरोड़ा ने aajtak.in से बातचीत की. नेशनल कोविड-19 टास्क फोर्स कमेटी के वरिष्ठ सदस्य डॉ. एनके अरोड़ा ने कहा कि जैसा कि हमने पहले ही कहा है कि बच्चों के टीकाकरण के लिए इंतजार किया जा सकता है. भारत और वैश्विक आंकड़ों के आधार पर यह देखा गया कि बच्चों में कोविड के गंभीर संक्रमण और मृत्यु की संभावना बड़ों की अपेक्षा कम है. हालांकि बच्चों द्वारा संक्रमण फैल सकता है, 18 साल से कम उम्र के बच्चों की अपेक्षा बड़ों में कोविड संक्रमण से मृत्यु और कोविड की गंभीर स्थिति का खतरा 15 गुना अधिक होता है. डॉ अरोड़ा ने कहा कि बच्चों के आसपास रहने वाले वयस्क हों या स्कूल के शिक्षक और स्टाफ हो, यदि सभी को कोविड का वैक्सीन लगा होगा तो हम बच्चों के लिए कोविड संक्रमण सुरक्षा का घेरा तैयार कर सकेंगे. इस स्थिति में वायरस के फैलाव और संचरण की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है या रोका जा सकता है. मुझे यह लगता है कि अभिभावकों को बच्चों को स्कूल जरूर भेजना चाहिए और इसके लिए कोविड टीकाकरण का इंतजार करना सही नहीं है.
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