
'बेल्ट एंड रोड' के बाद 'बेल्ट एंड रोबोट्स', चीन के कारनामे ने दुनिया को चौंकाया!
AajTak
चीन ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के जरिए सैकड़ों देशों में अपना प्रभाव जमा लिया है. अब वो रोबोट्स के जरिए इस प्रभाव को और अधिक विस्तार देने जा रहा है. चीन इस दिशा में पहला कदम उठाते हुए देश से बाहर कजाकिस्तान में एक कंपनी स्थापित करने जा रहा है.
चीन अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI)' के जरिए दुनिया के सैकड़ों देशों में भूराजनीतिक और आर्थिक प्रभाव बढ़ाने में कामयाब रहा है. अब चीन ने रोबोटिक्स के जरिए दुनिया में अपनी धाक बढ़ाने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है. शंघाई स्थित एक स्टार्ट-अप ने मध्य-एशियाई देश कजाकिस्तान के साथ कई वेंचर्स में साझेदारी के लिए एक समझौते पर सहमति जताई है.
इस समझौते के तहत चीन की कंपनी AgiBot कजाकिस्तान में एक संयुक्त कंपनी स्थापित करेगी, जिसमें रोबोटिक्स बनाने की सुविधाएं, रोबोटिक सिस्टम की ट्रेनिंग के लिए एक "डेटा फैक्ट्री" और अन्य प्रोजेक्ट्स के अलावा एक अनुसंधान एवं विकास केंद्र बनाया जाएगा.
रोबोटिक्स कंपनी स्थापित करने का यह समझौता एजीबॉट और कजाकिस्तान के डिजिटल विकास, नवाचार और एयरोस्पेस उद्योग मंत्रालय के बीच हुआ है. कजाकिस्तान के लिए यह कदम विदेशी निवेश हासिल करने में मदद करेगा.
देश के डिजिटल, नवाचार और एयरोस्पेस मंत्री झासलान मदीयेव ने कहा, 'एजीबॉट जैसी उन्नत कंपनी के साथ साझेदारी कजाकिस्तान के रोबोटिक्स इंडस्ट्री के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.'
एजीबॉट शंघाई स्थित एक स्टार्ट-अप है जिसकी स्थापना फरवरी 2023 में चीनी टेक दिग्गज Huawei Technologies के पूर्व इंजीनियर पेंग झिहुई ने की थी. यह फर्म घरेलू और औद्योगिक सेटिंग्स में इस्तेमाल के लिए मानव जैसे दिखने वाले रोबोट विकसित करने में माहिर है. दिसंबर 2024 तक, शंघाई स्थित इसकी कंपनी ने 1,000 रोबोट का उत्पादन किया था.
समझौते के तहत, एजीबॉट कजाकिस्तान की यूनिवर्सिटी में रिसर्च प्रोजेक्ट्स में सहयोग करेगा, स्थानीय छात्रों को रोबोट असेंबल करने की ट्रेनिंग देगा और कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना स्थित Alem AI International Centre में अपने प्रोटोटाइप का प्रदर्शन करेगा.

कल्पना कीजिए, दुनिया की सबसे बड़ी सेना का कमांडर, एक ऐसा शख्स जिसके हाथ में परमाणु बटन है. उसे एक छोटा सा 'लेगो खिलौना' बना दिया जाए जो पसीना बहा रहा है. हम बात कर रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की. युद्ध के मैदान में विमानवाहक पोत यानी Aircraft Carriers उतर रहे हैं, लेकिन इंटरनेट पर ईरान ने 'लेगो मीम्स' उतार दिए हैं. जब कोई देश आसमान में आपसे नहीं जीत पाता, तो क्या वो आपके फोन के जरिए आपको हरा सकता है?

ईरानी मीडिया की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एक सैन्य सूत्र ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के द्वीपों पर हमला हुआ तो वह 'बाब अल-मंडेब' स्ट्रेट में एक नया मोर्चा खोल सकता है. यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है. यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट के बीच होने वाले तेल और गैस का अधिकांश ट्रांसपोर्टेशन इसी रास्ते से होता है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर चिंता जताते हुए फ्रांसीसी राजनयिक जीन आर्नो को विशेष दूत नियुक्त किया है. उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं और बड़े युद्ध का खतरा बढ़ रहा है. गुटेरेस ने शांति वार्ता को जरूरी बताते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक आपूर्ति पर असर की चेतावनी दी. उन्होंने अमेरिका-इजरायल से युद्ध खत्म करने और ईरान व हिज़्बुल्लाह से हमले रोकने की अपील की.

ईरान जंग शुरु होते ही पाकिस्तान ने अपने यहां पेट्रोल-डीजल में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया. जनता के गुस्से को शांत करने के लिए शहबाज-मुनीर ने पाकिस्तान के मध्यस्थ बनने का दांव खेला पाकिस्तान के लोगों का ही दावा है कि विदेशी मीडिया से पाकिस्तान के मध्यस्थ होने को लेकर खबरें छपवाईं. लेकिन ईरान ने पाकिस्तान हकीकत उसका होर्मुज से जहाज रोककर बता दी. अब पाकिस्तान के लोग ही पूछ रहे हैं कि जब हमारा एक जहाज होर्मुज पार नहीं कर सकता. तो हम मध्यस्थ क्या खाक बनेंगे.









