
'हमारे देश में अशांति फैली तो...', बांग्लादेशी नेता ने दी नॉर्थ-ईस्ट को भारत से अलग करने की धमकी
AajTak
बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के दक्षिणी मुख्य आयोजक हसनत अब्दुल्ला ने ढाका में आयोजित रैली में भारत को लेकर भड़काऊ बयानबाजी की है. उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश को अस्थिर किया गया तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा और भारत के उत्तर-पूर्वी 'सेवन सिस्टर्स' को अलग कर दिया जाएगा.
बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के एक नेता हसनत अब्दुल्ला के बयान ने भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. बीते दिन उन्होंने ढाका के केंद्रीय शहीद मीनार में इंकलाब मंच द्वारा आयोजित सर्वदलीय विरोध रैली को संबोधित किया. उन्होंने दावा किया कि अगर बांग्लादेश को अस्थिर करने की कोशिश की गई, तो इसके गंभीर क्षेत्रीय परिणाम होंगे.
हसनत अब्दुल्ला ने भारत को सीधे धमकी देते हुए कहा कि अगर बांग्लादेश की संप्रभुता, मतदान अधिकार और मानवाधिकारों का सम्मान न करने वाली ताकतों को शरण दी गई, तो बांग्लादेश भी जवाब देगा. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अस्थिरता की आग सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल सकती है.
यह भी पढ़ें: ‘हमने कभी अपनी जमीन का गलत इस्तेमाल नहीं होने दिया’, बांग्लादेश के आरोपों पर भारत का दो टूक जवाब
एनसीपी नेता ने आरोप लगाया कि देश में अराजकता फैलाने, चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने और चुनाव उम्मीदवार उस्मान हादी पर हमले से जुड़े लोगों को भारत का समर्थन प्राप्त है. उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय एजेंसियां सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों की हत्याओं में शामिल रही हैं.
भारत की भूमिका की आलोचना करते हुए हसनत ने कहा कि आजादी के 54 साल बाद भी बांग्लादेश को "गिद्धों" जैसी ताकतों से जूझना पड़ रहा है, जो देश पर नियंत्रण स्थापित करना चाहती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत बांग्लादेश को कमजोर कर एक संघर्षग्रस्त देश में बदलना चाहता है.
हसनत अब्दुल्ला ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके सहयोगियों पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि शेख हसीना समर्थक पैसे, हथियार और प्रशिक्षण के जरिए बांग्लादेश के खिलाफ लोगों को उकसा रहे हैं.

ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत से ईरान बुरी तरह आहत है. इस हमले में लारिजानी का बेटा भी मारा गया है. ईरान ने अब अमेरिकी और इजरायली हमले के जवाब में कार्रवाई तेज करते हुए कई क्लस्टर बम गिराए है और तेल अवीव में भारी नुकसान पहुंचाया है और अनुमान लगाया जा रहा है कि जंग यहां से अब और भीषण रूप ले लेगी.

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.







