
बंदरों ने पाला, जंगल से पहुंची वेश्यालय और अब इस हाल में... दंग कर देगी इस महिला की कहानी
AajTak
ये एक ऐसी महिला की कहानी है, जिसे लोग फीमेल टार्जन तक बोलते हैं. उसके साथ जो हैरतअंगेज चीजें हुई हैं, उसे जानकर पूरी दुनिया हैरान है. इस महिला का दावा है कि उसे बंदरों ने जंगल में पाला है.
ये एक ऐसी महिला की कहानी है, जिसे सुनकर लोग मुश्किल से ही यकीन कर पाते हैं. घर से अगवा किए जाने के बाद उसे बंदरों ने पाला. वो कोलंबिया के जंगलों में अकेली घूमती रही. 73 साल की मरीना चैपमैन दावा करती हैं कि उन्हें बंदरों ने पाला था, वहीं उन्होंने इस जानवर की तरह खाना सीखा, पेड़ों पर चढ़ना और पेड़ पर ही सोना सीखा.
मरीना की जिंदगी में तब बड़ा बदलाव आया, जब उन्हें जंगल में किसी ने देख लिया. उन्हें जबरन वेश्यावृति के काम में धकेला गया. मगर इसके बाद वो ब्रिटेन आईं. एक शख्स ने उनसे शादी कर ली. अब वो दो बच्चों की मां हैं. और अपने परिवार के साथ यहां रहती हैं. उनकी कहानी काफी फिल्मी है.
मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, मरीना ने अपनी कहानी साल 2013 में एक किताब के जरिए दुनिया के सामने रखी. उनकी किताब का नाम था, 'ग गर्ल विद नो नेम.' इसकी सह लेखिका उनकी बेटी हैं. उनकी इसी कहानी को एक टीवी शो में दिखाया गया जाएगा. इसका नाम 'न्यू लिव्स इन द वाइल्ड' है.
मरीना के नक्शे कदम पर चलते हुए आज उनकी बेटी वेनेसा फोरेरो भी कोलंबिया में जंगल से घिरे गांव में रहती है. मरीना ने कहा कि बात साल 1954 की है. तब कोलंबिया में बाल तस्करी काफी आम थी. उन्हें अगवा कर लिया गया. किसी ने सफेद रुमाल को चेहरे पर रख दिया था. दो लोग उठाकर ले गए. कारण नहीं पता था. फिर उन्होंने जंगलों में फेंक दिया.
वो बताती हैं कि दो दिन बात उन्हें बंदरों का एक झुंड दिखा. वो जीवित रहने के लिए वही सब करने लगीं, जो बंदर कर रहे थे. वो देखती रहीं कि बंदर कौन से फल खा रहे हैं. कैसे पेड़ से केले तोड़ रहे हैं. और कहां जाकर पानी पी रहे हैं.
इसके बाद वो बंदरों की तरह दोनों हाथ और पैरों से चलने लगीं. उन्होंने बोलना बंद कर दिया. बंदरों ने भी उन्हें अपने जैसा ही मान लिया. वो कहती हैं, 'एक दिन छोटा सा बंदर मेरे कंधे पर बैठा और उसने अपने दोनों हाथ मेरे चेहरे पर रखे, मुझे वो काफी पसंद आया.' बंदरों के बीच मरीना करीब पांच साल तक रहीं. फिर एक दिन उन्हें शिकारियों ने वहां देख लिया.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










