
नितिन गडकरी बोले- भारत में दो चीजों को काबू करना मुश्किल, एक जनसंख्या और दूसरी ऑटोमोबाइल्स ग्रोथ
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6 Airbags In Economic Model: देश में रोड सेफ्टी को लेकर केंद्र सरकार सख्त है और इसके मद्देनजर लगातार कदम उठा रही है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने पिछले दिनों कारों में एयरबैग्स को लेकर कार निर्माता कंपनियों को भी खरी-खरी सुनाई थी.
केंद्र सरकार रोड सेफ्टी (Road Safety) को लेकर लगातार नए दिशा-निर्देश जारी कर रही है. पिछले दिनों केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने M-1 कैटेगरी की कारों में 6 एयरबैग को अनिवार्य करने का फैसला लिया था, जो 1 अक्टूबर 2023 से लागू होगा. वहीं अब उन्होंने इकोनॉमिक मॉडल्स में भी छह एयरबैग्स (Airbags) जरूरी कर दिए गए हैं. इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए गडकरी ने ऐसी दो चीजों का जिक्र जिन्हें भारत में काबू करना मुश्किल है.
इकोनॉमिक मॉडल्स में 6 एयरबैग जरूरी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि देश में रोड सेफ्टी एक बड़ी चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि भारत में हर साल 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और इनमें 1.5 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है. गडकरी ने आगे कहा कि हम बहुत कुछ बदलने की कोशिश कर रहे हैं. इस दिशा में आगे बढ़ते हुए अब कारों के इकोनॉमिक मॉडल (Economic Model) में भी छह एयरबैग्स अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है.
जनसंख्या-ऑटो सेक्टर पर कही बड़ी बात Nitin Gadkari ने देश में सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि मैं इसे लेकर बेहद चिंतित हूं. इस बीच उन्होंने कहा कि भारत में दो चीजें ऐसी हैं, जिन्हें हम कंट्रोल नहीं कर सकते, 'एक बढ़ती जनसंख्या (Population Growth) और दूसरी ऑटोमोबाइल ग्रोथ (Automobile Growth).' गौरतलब है कि बीते दिनों ही केंद्रीय मंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर M-1 कैटेगरी की कारों में 1 अक्टूबर 2023 से 6 एयरबैग्स अनिवार्य करने के फैसले के बारे में जानकारी शेयर की थी.
एक साल आगे बढ़ाई डेडलाइन केंद्र सरकार ने कारों में छह एयरबैग्स अनिवार्य करने के मामले में फैसला को लिया, लेकिन इसकी डेडलाइन को एक साल के लिए आगे भी बढ़ाया है. हालांकि, इस संबंध में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 29 सितंबर 2022 को किए अपने ट्वीट में बताया था कि ऑटो उद्योग के सामने मौजूद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों और तमाम दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव के लिए अगले साल की यह तारीख तय की गई है.
Considering the global supply chain constraints being faced by the auto industry and its impact on the macroeconomic scenario, it has been decided to implement the proposal mandating a minimum of 6 Airbags in Passenger Cars (M-1 Category) w.e.f 01st October 2023.
कुछ कारों में ही 6 एयरबैग्स की सुविधा कारों में Airbags को सबसे जरूरी सेफ्टी फीचर्स माना जाता है. लेकिन, वाहन निर्माता कंपनियां कुछ महंगी कारों में ही 6 एयरबैग्स देती हैं. ऐसी कारों की अनुमानित संख्या देश की सड़कों पर दौड़ने वाली कुल कारों में 10 फीसदी से भी कम है. ऐसे में सड़क और परिवहन मंत्रालय के ऐलान के बाद सड़कों पर 6 एयरबैग्स वाली कारों की संख्या में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा.

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