
नए संसद भवन पर लगे अशोक स्तंभ के डिजाइन पर विवाद, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका खारिज
AajTak
नए संसद भवन की छत पर लगाए गए अशोक स्तंभ के डिजाइन को लेकर छिड़ा विवाद खत्म नहीं हो रहा है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है. आरोप है कि इस अशोक स्तंभ में शेर आक्रामक दिखाई दे रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत तैयार किए जा रहे नए संसद भवन की छत पर लगाए गए राष्ट्रीय प्रतीक यानी अशोक स्तंभ के खिलाफ दायर एक याचिका खारिज कर दी है. इस याचिका में शेरों के डिजाइन को लेकर आपत्ति जताई गई थी.
याचिका में कहा गया था कि नए संसद भवन की छत पर जो अशोक स्तंभ लगाया गया है, उसमें शेर आक्रामक दिखाई दे रहे हैं, जबकि सारनाथ में जो ओरिजिनल अशोक स्तंभ है, उसमें शेर शांत हैं.
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि ये हर दर्शक की अपनी निजी सोच पर निर्भर है कि वो किसी भी आकृति को किस भाव से देखता है. अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ये आपका परसेप्शन है कि आप इसे किस तरह देखते हैं. इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि हम इसमें सुधार चाहते हैं क्योंकि अशोक स्तंभ के डिजाइन से छेड़छाड़ की गई है.
याचिका में कहा गया कि संसद के नए भवन के शीर्ष पर स्थापित किए गए अशोक स्तंभ पर बनाए गए शेरों को ज्यादा गुस्से वाला दिखाया गया है. यह बदलाव भारतीय राष्ट्रीय चिह्न एक्ट 2005 का उल्लंघन है. क्योंकि सारनाथ में जो ओरिजनल स्तंभ है, उसमें बने शेर शांत दिखते हैं. उनमें क्रोध नहीं है. वे शांति, सद्भाव, सत्य और अहिंसा का संदेश देते हैं.
बता दें कि यहां यह जानना जरूरी हो जाता है कि भारतीय राष्ट्रीय चिन्ह (दुरुपयोग की रोकथाम) एक्ट 2005 के सेक्शन 6(2)(f) में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि सरकार राष्ट्रीय प्रतीकों की डिजाइन में बदलाव कर सकती है. सेक्शन में कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार के पास हर वो परिवर्तन करने की ताकत है जिसे वो जरूरी समझती है. इसमें राष्ट्रीय प्रतीकों की डिजाइन में बदलाव वाली बात भी शामिल है.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.










