
दिल्ली में 15 अगस्त से पहले चाइनीज मांझे को लेकर अलर्ट! इस्तेमाल पर 5 साल की क़ैद, 1 लाख जुर्माना
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पर्यावरण विभाग के मुताबिक दिल्ली में 15 अगस्त के आसपास दिल्लीवासियों में पतंगबाज़ी करने का शौक बढ़ जाता है. लेकिन इस पतंगबाज़ी के शौक के बीच हर साल चाइनीज मांझे के कारण हादसों की खबरे भी देखी गई है. इसी कारण राजधानी दिल्ली में 10 जनवरी 2017 से ही चाइनीज मांझे के इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगी हुई है.
दिल्ली सरकार द्वारा चाइनीज मांझा के इस्तेमाल पर रोक को लेकर पर्यावरण विभाग की तरफ से सभी सम्बंधित विभागों को एडवाइजरी जारी की गई है. दिल्ली में सभी प्रकार के चाइनीज़ मांझे के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उनके इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है. साथ ही प्रतिबंध को कड़ाई से लागू कराने के लिए सभी सम्बंधित विभागों को पत्र लिखकर निर्देश भी जारी किए गए है.
पर्यावरण विभाग के मुताबिक दिल्ली में 15 अगस्त के आसपास दिल्लीवासियों में पतंगबाज़ी करने का शौक बढ़ जाता है. लेकिन इस पतंगबाज़ी के शौक के बीच हर साल चाइनीज मांझे के कारण हादसों की खबरे भी देखी गई है. इसी कारण राजधानी दिल्ली में 10 जनवरी 2017 से ही चाइनीज मांझे के इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगी हुई है.
बावजूद इसके हर साल 15 अगस्त आते ही पतंगबाजी का शौक रखने वाले कुछ लोग इसका इस्तेमाल करते हैं, जिसके चलते कई पशु-पक्षी आसमान में इसमें फंसकर अपनी जान गवा देते हैं वहीं सड़कों पर चलने वाले लोगों के लिए भी यह जानलेवा साबित होता है.
मंत्री गोपाल राय की अपील दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने लोगों से अपील की है कि चाइनीज़ मांझे का इस्तेमाल ना करें और यदि कोई इसका इस्तेमाल या बिक्री करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सभी धाराओं को जोड़ते हुए कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
दरअसल, यह चाइनीज़ मांझे जो कि कॉटन फैब्रिक से नहीं बनता है बल्कि इसे कई केमिकल से बनाया जाता है. यह हमारे पर्यावरण के साथ-साथ पशु पक्षियों और इंसानों के लिए भी बेहद हानिकारक है. इसी के चलते पर्यावरण विभाग द्वारा सभी सम्बंधित विभागों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए गए है. इन विभागों में दिल्ली पुलिस, राजस्व, एमसीडी, परिवहन विभाग, डीएमआरसी, ईको-क्लब स्कूल और कॉलेज शामिल है.
प्रचार प्रसार के जरिए जागरूकता दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग और एमसीडी द्वारा लाउडस्पीकर से चीनी माँझे के इस्तेमाल के खिलाफ़ मुनादी की जाएगी, नुकसान बताते हुए पैम्फलेट वितरण किया जाएगा, पोस्टर लगाए जाएंगे, समाचार पत्र में जागरूकता विज्ञापन छापे जाएंगे और सोशल मीडिया पर ऑडियो, वीडियो, टेक्स्ट संदेश से चीनी माँझे के नुकसान के बारे में आगाह किया जाएगा. वहीं दिल्ली में डीटीसी बसों, दिल्ली मेट्रो, बस स्टॉप, और फुट ओवर ब्रिजों पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे.

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