
दिल्ली दंगाः शाहरुख पठान को बंदूक मुहैया कराने के आरोपी को कोर्ट से राहत, कहा- बयान कानून के मुताबिक नहीं
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साल 2020 में हुए दंगे के मामले में दिल्ली की अदालत ने शाहरुख पठान को पिस्तौल बेचने के आरोपी बाबू वसीम को बरी कर दिया है. पठान ने खुलासा किया कि उसने आरोपी बाबू वसीम से दिसंबर 2019 में 35000 रुपये का भुगतान करके एक पिस्तौल और 20 राउंड खरीदे थे. लेकिन कोर्ट ने कहा कि पठान का बयान कानून के मुताबिक नहीं था.
देश की राजधानी दिल्ली में साल 2020 में हुए दंगे के मामले में दिल्ली की अदालत ने शाहरुख पठान को पिस्तौल बेचने के आरोपी को बरी कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आरोपी बाबू वसीम के खिलाफ मामला वास्तविक सामग्री या साक्ष्य के बजाय अनुमानों पर आधारित है. जबकि पठान का बयान कानून के तहत स्वीकार्य नहीं था.
पुलिस के अनुसार शाहरुख पठान ने कथित तौर पर 24 फरवरी 2020 को दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल दीपक दहिया को मारने के इरादे से पिस्तौल तान दी थी. इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पठान फरार हो गया और उसे 3 मार्च 2020 को उत्तर प्रदेश के शामली जिले के एक बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया.
अभियोजन पक्ष के मुताबिक पठान ने खुलासा किया कि उसने आरोपी बाबू वसीम से दिसंबर 2019 में 35000 रुपये का भुगतान करके एक पिस्तौल और 20 राउंड खरीदे थे.
एजेंसी के मुताबिक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने सोमवार को कहा कि आरोपी बाबू वसीम के खिलाफ मामला अनिवार्य रूप से वास्तविक सामग्री या साक्ष्य के बजाय अनुमानों पर आधारित है और यह मानने का कोई आधार नहीं है कि आरोपी ने धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध किया है. लिहाजा आरोपी को उक्त अपराध के लिए आरोपमुक्त किया जाता है.
कोर्ट ने कहा कि वसीम के खिलाफ अभियोजन पक्ष का मामला यह था कि उसने 6 दिसंबर 2019 को पठान को एक पिस्तौल और राउंड उपलब्ध कराए थे और हथियार का इस्तेमाल फायरिंग के लिए किया गया था. आरोपी ने हेड कांस्टेबल दीपक दहिया की हत्या का प्रयास किया था.
कोर्ट ने कहा कि हथियार रखने और शाहरुख पठान को मुहैया कराने के मामले में वसीम के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. अदालत ने कहा कि यह दिखाने के लिए रिकॉर्ड पर कोई गवाह नहीं था कि आरोपी बाबू वसीम ने 6 दिसंबर 2019 को शाहदरा के ब्रह्मपुरी इलाके में आरोपी शाहरुख पठान को उक्त पिस्तौल मुहैया कराई थी या 6 दिसंबर से पहले उसके पास उक्त बंदूक थी.

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