
दिल्ली एसिड अटैक में पीड़िता के हेल्थ को लेकर बड़ा अपडेट, डॉक्टरों ने दी राहत वाली खबर
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एसिड अटैक सर्वाइवर के परिवार ने गुरुवार को बताया कि लड़की की आंखों की रोशनी प्रभावित नहीं हुई है और डॉक्टरों ने आश्वस्त किया है कि उसके चेहरे पर लगी चोटें भी समय के साथ ठीक हो जाएंगी. पीड़िता के चाचा ने कहा कि वह अभी भी सफदरजंग अस्पताल के आईसीयू में है.
दिल्ली के द्वारका में बुधवार की सुबह 17 साल की लड़की के ऊपर एक लड़के ने एसिड फेंक दिया था. पीड़िता फिलहाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है. घटना ने राजधानी के लोगों को हिला कर रख दिया है. अब इस मामले में पीड़िता का हेल्थ अपडेट आया है.
डॉक्टर बोले- समय के साथ ठीक हो जाएंगे घाव
एसिड अटैक सर्वाइवर के परिवार ने गुरुवार को बताया कि लड़की की आंखों की रोशनी प्रभावित नहीं हुई है और डॉक्टरों ने आश्वस्त किया है कि उसके चेहरे पर लगी चोटें भी समय के साथ ठीक हो जाएंगी. पीड़िता के चाचा ने कहा कि वह अभी भी सफदरजंग अस्पताल के आईसीयू में है. उन्होंने कहा, ''अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि चेहरे की जलन ठीक हो जाएगी, लेकिन इसमें समय लगेगा.'' कथित तौर पर उसके पड़ोसी सचिन अरोड़ा द्वारा रचे गए हमले में लड़की की आंखों में भी चोटें आई थीं.
'ठीक है पीड़िता के आंखों की रोशनी'
पीड़िता के चाचा ने कहा, "फिलहाल वह देख पा रही है और बात कर रही है." मामले में आरोपी हर्षित अग्रवाल (19) और वीरेंद्र सिंह (22) को गिरफ्तार किया गया है. जैसे ही हमले को लेकर नाराजगी फैली, कई लोगों ने प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में तेजाब की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए.
विशेष पुलिस आयुक्त, कानून और व्यवस्था, सागर प्रीत हुड्डा ने बुधवार को कहा था कि हमले में इस्तेमाल एसिड एक ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट के माध्यम से खरीदा गया था और आरोपी द्वारा ई-वॉलेट के माध्यम से भुगतान किया गया था. पुलिस ने एक बयान में कहा कि तकनीकी साक्ष्य के आधार पर यह पाया गया कि तेजाब फ्लिपकार्ट से खरीदा गया था, जिसे पुलिस ने नोटिस भी जारी किया है. दिल्ली पुलिस जानना चाहती है की क्या फ्लिपकार्ट ने एसिड बेचते वक्त गाइडलाइन को फॉलो किया था? क्या आरोपी का सरकारी पहचान पत्र लिया था? क्या आरोपी से पूछा गया था की वो एसिड किसलिए ले रहा है?

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