
दलदल में इंद्रधनुष! जंगल के बीच पानी में दिखा 'रेनबो पूल', जानें क्या है 7 रंग के पानी का राज
AajTak
हाल में वर्जिनिया के एक जंगल में बनी बड़ी दलदल में इंद्रधनुषीय रंग दिखाई पड़े. पहले तो लोग इसे देखकर कंफ्यूज हो गए. वही बाद में इसके पीछे के खास कारण का पता लगा.
लाल और नीले पानी वाले तालाबों के बारे में आपने कई बार सुना होगा. लेकिन हाल में एक ऐसी दलदल चर्चा में है, जिसमें एक साथ सात रंग दिखाई पड़ रहे हैं. वर्जीनिया के एक दलदलनुमा तालाब में एक दुर्लभ "इंद्रधनुष" की तस्वीर देखी गई है. यूएस फिश एंड वाइल्डलाइफ सर्विस (USFWS) ने ग्रेट डिसमल स्वैम्प नेशनल वाइल्डलाइफ रिफ्यूज में ली गई तस्वीर को मंगलवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया.
दलदल में कैसे बना इंद्रधनुष? ग्रेट डिसमल दलदल दक्षिणपूर्वी वर्जीनिया और उत्तरपूर्वी उत्तरी कैरोलिना में लगभग 750 वर्ग मील के क्षेत्र में फैला हुआ है. तस्वीर में दलदल में पानी का एक असामान्य पूल दिख रहा है जिसमें नीले और हरे से लेकर पीले और लाल तक सुंदर रंग शामिल हैं. यह फेनोमेनन, जिसे उपयुक्त रूप से "रेनबो पूल" कहा जाता है, केवल विशिष्ट परिस्थितियों में ही होती है.
खास बैक्टेरिया के कारण बना रेनबो
यूएसएफडब्ल्यूएस ने ट्विटर पोस्ट में लिखा, "यह जानने के बाद कि 'रेनबो पूल' मौजूद हैं, आप आज कैसे काम में ध्यान लगा पाएंगे." पानी की रंगीन चमक, जैसा कि तस्वीर में दिखाई दे रही है, इस मामले में प्रदूषण का परिणाम तो नहीं है. इसके बजाय, यह घटना सड़ती हुई पौधों से निकलने वाले प्राकृतिक तेल, या मिट्टी में लोहे को तोड़ने वाले बैक्टीरिया के कारण होती है.
सनलाइक का भी परफेक्ट एंगल जरूरी
यूएसएफडब्ल्यूएस ने ट्वीट किया, "इन फैक्टर्स के साथ-साथ कई दिनों तक शांत, अबाधित पानी और सूरज की रोशनी का सही एंगल, दलदल में रेयरली देखी जाने वाली इंद्रधनुषी घटना का कारण है." इस जंगल में पक्षियों की 200 से अधिक प्रजातियां हालऔर तितलियों और स्किपर्स की लगभग 100 प्रजातियाँ शामिल हैं. आप यहां कछुए, सफेद पूंछ वाले हिरण, बॉबकैट और ऊदबिलाव भी पा सकते हैं.

भारत को सेकंड टीयर AI पावर कहे जाने पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विरोध जताया है. दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान IMF लीडरशिप ने भारत को सेकंड टीयर की AI पावर बताया था. इस पर केंद्रीय मंत्री ने विरोध जताते हुए बताया कि स्टैनफोर्ड की AI लिस्ट में भारत तीसरे स्थान पर है. साथ ही दुनिया भारत पर विश्वास दिखा रही है.












