
तेजस्वी यादव क्यों चाहेंगे नीतीश कुमार BJP के हो जाएं?
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नीतीश कुमार किन शर्तों के साथ भाजपा के साथ फिर से जुड़ सकते हैं, क्या राजद के लिए भी एक मौका है, नीतीश कुमार के फैसले का इंडिया गठबंधन की सेहत पर क्या पड़ेगा असर, ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में ASI 839 पन्नों का सर्वे से क्या निकल कर आया है, इस बार के बजट में क्या हो सकता है नया और आज 75वां रिपब्लिक डे में क्या रहा खास?
पिछले साल पहले एक पोस्टर ख़बरों में थी, ये पोस्टर लगी थी बिहार में जिसपर लिखा था- नीतीश सबके हैं. तब नीतीश कुमार महागठबंधन में थे, अभी भी हैं, कम से कम अभी तो हैं ही. पिछले एक हफ़्ते में हर एक कदम पर राज्य में राजनीति की चाल बदल रही है. अब ये कहा जा रहा है कि 28 जनवरी को नीतीश कुमार अपने साथी को बदल कर फिर से मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ले सकते हैं. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सुशिल कुमार मोदी ने भी इस ओर इशारा दिया कि दरवाज़े खुले हैं.
राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल युनाइटेड, भारतीय जनता पार्टी और बिहार की सभी छोटी बड़ी पार्टियां अभी इस मौक़े में अपने लिए गुंजाइश तलाश रही है, लगातार बैठके हो रही हैं, क्या दिल्ली क्या पटना, जब मीडिया ने इस बाबत राजद के नेता मनोज कुमार झा से बात की तो उन्होंने भी नीतीश कुमार से तस्वीर साफ़ करने की बात कही थी...
नीतीश कुमार किन शर्तों के साथ भाजपा के साथ फिर से जुड़ सकते हैं और ऐसा करना अभी उनके लिए क्यों ज़रूरी है, सुनिए 'दिन भर' में.
ASI सर्वे के बाद भी ट्विस्ट बाकी? अयोध्या पर फैसला आए तीन साल हुए, वहाँ राममंदिर का निर्माण भी हो गया. लेकिन इसी के साथ एक और मस्जिद vs मंदिर का विवाद अदालती ईदारे में पहुँच चुका है. वो है ज्ञानवापी मस्जिद विवाद. वाराणसी की जिला अदालत इस मामले को सुन रही है.
कोर्ट ने तकरीबन 5 महीने पहले ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में ASI यानी आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को आदेश दिया था कि वो मस्जिद परिसर का सर्वे करवाए. और हिन्दू पक्ष का जैसा दावा है कि ज्ञानवापी मस्जिद पहले मंदिर था उसकी जांच करे.

राजस्थान के कोटपूतली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक हाईटेंशन विद्युत लाइन को छूने के इरादे से बिजली के खंभे पर चढ़ गया. युवक को खंभे पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. करीब दो घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद अधिकारियों और ग्रामीणों की समझाइश से युवक सुरक्षित नीचे उतर आया. गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.












