
ट्रैफिक पुलिस निकाले वाहन की चाबी... जब्त करे डॉक्यूमेंट! तो जान लें क्या कहता है आपका अधिकार
AajTak
ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और नियमों को लागू कराने की होती है. जहां कानून पुलिस को कुछ ताकत देता है वहीं नागरिकों के भी कुछ अधिकार सुरक्षित हैं. इसलिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोके जाने पर घबराए नहीं बल्कि अपने अधिकारों को जानते हुए नियमों का पालन का करें.
सड़क पर वाहन चलाते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है, लेकिन कई बार लोग सामने से आते हुए ट्रैफिक पुलिस को देखकर घबरा जाते हैं. इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि ये पुलिस यातायात व्यवस्था को दुरूस्त बनाए रखने के लिए मुस्तैद की गई है. जहां कानून ट्रैफिक पुलिस को ताकत देता है वहीं आम नागरिकों के भी कुछ अधिकार सुरक्षित हैं. ट्रैफिक चालान और नियमों का उल्लंघन करने पर लगने वाले दंड के बारे में आपने कई बार पढ़ा होगा, लेकिन आज हम अपने इस लेख में आपके आधिकारों की बात करेंगे.
यदि सड़क पर वाहन चलाते वक्त आपको ट्रैफिक पुलिस रोकता है तो मांगे जाने पर आपको अपना ड्राइविंग लाइसेंस, व्हीकल रजिस्ट्रेशन पेपर, इंश्योरेंस और प्रदूषण (PUC) सर्टिफिकेट दिखाना होगा. लेकिन इस दौरान आपको निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना जरूरी होता है-
1)- ट्रैफिक पुलिस यूनिफॉर्म में होना चाहिए, यदि उन्होनें वर्दी नहीं पहनी है तो आप उनसे पहचान पत्र (ID) दिखाने के लिए पूछ सकते हैं. यदि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी आपको 'ID' कार्ड दिखाने से मना करता है तो आपके पास अधिकार है कि, आप अपने दस्तावेज उन्हें न दिखाएं.
2)- मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, एक यातायात पुलिस अधिकारी आपसे केवल आपका ड्राइविंग लाइसेंस देखने के लिए मांग सकता है. इसके लिए आपको अपना लाइसेंस (DL) उन्हें हैंडओवर करने के जरूरत नहीं है.
3)- यदि आप कोई यातायात नियम तोड़ते हैं और चालान की स्थिति बनती है तो फाइन करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास चालान बुक या ई-चालान मशीन होना आवश्यक है. इनमें से कुछ भी न होने पर पुलिस आपको दंडित नहीं कर सकती.
4)- यदि पुलिस मौके पर चालान काटती है तो आपनी चालान की रसीद लेना न भूलें, यदि ट्रैफिक पुलिसकर्मी रसीद नहीं देता है तो आपको भी चालान अमाउंट देने की कोई जरूरत नहीं है. बिना रसीद के कोई भी लेन-देन कानूनी नहीं है.

भारत को सेकंड टीयर AI पावर कहे जाने पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विरोध जताया है. दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान IMF लीडरशिप ने भारत को सेकंड टीयर की AI पावर बताया था. इस पर केंद्रीय मंत्री ने विरोध जताते हुए बताया कि स्टैनफोर्ड की AI लिस्ट में भारत तीसरे स्थान पर है. साथ ही दुनिया भारत पर विश्वास दिखा रही है.












