
टैक्स का गणित: 24 लाख की कार मालिक को चाभी मिलते ही हुई 45 लाख रुपये की
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Luxury SUV: मौजूदा समय सभी पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) कारों पर 18 फीसदी से 28 फीसदी तक जीएसटी (GST) वसूला जाता है. हैचबैक गाड़ियों पर 18 फीसदी जीएसटी वसूला जाता है. लग्जरी (Luxury) वाहनों पर 28 फीसदी का जीएसटी का प्रावधान है.
जितनी बड़ी कार, उतना ज्यादा टैक्स. इसलिए भारत में बड़ी कार खरीदना कोई आसान बात नहीं है. आप टैक्स स्ट्रक्चर को देखें तो आपको कुछ पल के लिए विश्वास नहीं होगा. लेकिन हकीकत से आप मुंह नहीं मोड़ सकते हैं.
दरअसल, अगर 24 लाख की कार घर पहुंचते-पहुंचते 45 लाख रुपये से ज्यादा की हो जाए, तो हर किसी को हैरान होना लाजिमी है. 24 लाख से 45 लाख तक कीमत पहुंचाने में टैक्स का बड़ा योगदान है. आइए अब सीधे आपको बताते हैं कि कैसे 24 लाख वाली Toyota Fortuner की कीमत ग्राहकों को चाभी मिलने तक बढ़कर 45 लाख रुपये से ज्यादा की हो गई.
टैक्स का खेल
मुंबई में Toyota Fortuner के एक मॉडल की लागत यानी बिना टैक्स कीमत 24.11 लाख रुपये थी, जिसपर 28 फीसदी जीएसटी (14% CGST+ 14% SGST) लगाया गया है, जो कि 6,75,172 रुपये बनता है. उसके बाद इस SUV पर 22 फीसदी (Compensation Cess) जोड़ा गया है, जो 5,30,493 रुपये बैठता है. इन दोनों टैक्स को जोड़ दे तो 24 लाख की फॉर्चूनर पर 12 लाख 5 हजार रुपये केवल टैक्स लगा है.
GST और क्षतिपूर्ति सेस लगने के बाद Toyota Fortuner की कीमत 24.11 लाख से बढ़कर 36.17 लाख रुपये हो जाती है. जो कि इसका एक्स-शोरूम प्राइस है. यानी टोटल 50 फीसदी टैक्स वसूला गया है.
50 फीसदी तक टैक्स













