
...जब एडम गिलक्रिस्ट पर लगे बेईमानी के आरोप, वर्ल्ड कप फाइनल में इस ट्रिक से तोड़ा था श्रीलंका का सपना
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ऑस्ट्रेलिया दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने 2007 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऐसा ट्रिक अपनाया, जिसकी वजह से उनपर बेईमानी के आरोप भी लगे. वेस्टइंडीज की मेजबानी में आयोजित उस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम बांग्लादेश और श्रीलंका के हाथों हारकर ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी.
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में 28 अप्रैल का दिन काफी खास है. ठीक 18 साल पहले यानी साल 2007 में इसी दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लगातार तीसरी बार ओडीआई वर्ल्ड कप जीता था. तब बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल में खेले गए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को पराजित किया. फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई टीम की जीते के हीरो विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट रहे थे.
गिलक्रिस्ट के 'स्क्वैश-बॉल ट्रिक' से बिगड़ा श्रीलंका का खेल!
एडम गिलक्रिस्ट ने महज 104 गेंदों पर 149 रन बनाए, जिसमें 13 चौके और 8 छक्के शामिल रहे. गिलक्रिस्ट बड़े मैच के खिलाड़ी माने जाते थे और उन्होंने इस बार श्रीलंका का बैंड बजा दिया. गिलक्रिस्ट ने इससे पहले 2003 और 1999 के वर्ल्ड कप फाइनल में भी अच्छी इनिंग्स खेली थी. बता दें कि वेस्टइंडीज की मेजबानी में आयोजित 2007 के वर्ल्ड कप में भारतीय टीम बांग्लादेश और श्रीलंका के हाथों हारकर ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी.
एडम गिलक्रिस्ट ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में ऐसा ट्रिक अपनाया, जिसकी वजह से उनपर बेईमानी के आरोप भी लगे थे. दरअसल गिलक्रिस्ट ने अपने बाएं हाथ के ग्लव्स के अंदर एक स्क्वैश बॉल छिपा रखी थी, ताकि बल्ले की ग्रिप पर मजबूत पकड़ बनाई जा सके. गिलक्रिस्ट को ये ट्रिक उनके बैटिंग कोच बॉब म्यूलोमेन ने सिखाई थी. बॉब ने इसे लेकर कहा था कि उन्होंने गिलक्रिस्ट के साथ 12-13 साल तक स्क्वैश बॉल के साथ प्रैक्टिस की थी. लेकिन गिलक्रिस्ट ने इसका इस्तेमाल इस मैच में किया.
एडम गिलक्रिस्ट ने जब शतकीय पारी खेलने के बाद हाथ उठाकर बैट और अपना ग्लव्स दिखाया, तो सबकी नजर इस पर पड़ी. फाइनल जीतकर कंगारू टीम ट्रॉफी अपने घर ले गई, लेकिन गिलक्रिस्ट श्रीलंकाई फैन्स की नजरों में विलेन बन गए. श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने तो इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) से इस पूरे मामले की शिकायत की.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












