
चीन की नई चालबाजी, छोटे देशों को ऐसे बना रहा है निशाना, Microsoft ने खोली पोल
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Microsoft ने चीन पर बड़ा आरोप लगाया है. चीन को लेकर माइक्रोसॉफ्ट ने एक रिपोर्ट में कहा है कि ये छोटे देशों पर साइबर अटैक कर रहा है. चीनी साइबर अटैकर्स सॉफ्टवेयर में पहले से मौजूद खामी का फायदा उठा कर इन देशों को टारगेट कर रहे हैं. जानिए इसकी पूरी डिटेल्स.
चीन अपनी हरकतों की वजह से लगातार विवाद में रहता है. अब Microsoft ने चीन पर बड़ा आरोप लगाया है. कंपनी ने डिजिटल डिफेंस रिपोर्ट 2022 को रिलीज कर दिया है. इसमें चीन पर आरोप लगाया गया है कि ये छोटे देशों पर साइबर अटैक कर रहा है.
ये साइबर अटैक नामीबिया, मॉरीशस और त्रिनिदाद और टोबैगो सहित अफ्रीका, कैरिबियन, मध्य पूर्व, ओशिनिया और वैश्विक दक्षिण के देशों पर किया जा रहा है. चीन की ओर से होने वाले ज्यादातर अटैक जीरो-डे वल्नरेबिलिटी का फायदा उठाते हैं.
यानी चीनी साइबर अटैकर्स सॉफ्टवेयर में पहले से मौजूद खामी का फायदा उठा कर इन देशों को टारगेट कर रहे हैं. डिजिटल परिवर्तन के तेजी से साइबर अपराध के जोखिम को फिजिकल लेवल पर भी बढ़ा दिया है. इससे पहले यूएस बेस्ड साइबर सिक्योरिटी इंटेलीजेंस कंपनी ने चीन पर कुछ इस तरह का ही आरोप लगाया था.
यूजर्स की एक्टिविटी पर रखी जाती है नजर
साइबर सिक्योरिटी फर्म Crowdstrike ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि चीनी एजेंट्स यूजर्स को मैलेशियस डॉक्यूमेंट या फाइल भेजते हैं. जिन्हें ओपन करने पर यूजर के डिवाइस पर मैलेशियल कोड डाउनलोड हो जाते हैं और फिर यूजर्स की एक्टिविटी पर नजर रखी जाती है.
लेकिन, अब हैकर्स अपना तरीका बदल रहे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि वो इन खामियों का फायदा उठाने के लिए इंटरनेट-फेसिंग डिवाइस या सर्विस जैसे VPN और राउटर की मदद लेते हैं. खासतौर पर राउटर्स को निशाना बनाया जाता है.

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