
गुमराह करने वाले विज्ञापन हटाए बॉर्नविटा, राष्ट्रीय आयोग ने कंपनी को थमाया नोटिस, मांगा जवाब
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अधिक चीनी वाले आरोप पर बॉर्नविटा बनाने वाली कंपनी को नोटिस जारी किया है. नोटिस में आयोग ने कंपनी से कहा है कि वो अपने प्रोडक्ट से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों और उसकी लेबलिंग को वापस ले. आयोग ने कंपनी से नोटिस जारी करने के सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है.
बॉर्नविटा को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल थमता नहीं दिख रहा. अब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने बॉर्नविटा को नोटिस जारी किया है. आयोग ने बॉर्नविटा बनाने वाली कंपनी मोंडेलेज इंटरनेशनल इंडिया से कहा है कि वह अपने उत्पाद पर सभी भ्रामक विज्ञापनों, पैकेजिंग और लेबल की समीक्षा करे और उन्हें वापस ले. कंपनी पर आरोप है कि वो अपने उत्पाद में अधिक मात्रा में चीनी मिलाती है जो बच्चों के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है.
मोंडेलेज इंटरनेशनल इंडिया के अध्यक्ष दीपक अय्यर को लिखे एक पत्र में, एनसीपीसीआर ने कहा कि उसे एक शिकायत मिली है जिसमें बताया गया है कि बॉर्नविटा, जो खुद को हेल्थ पाउडर या हेल्थ ड्रिंक बताकर प्रचार करता है, उसमें उच्च मात्रा में चीनी होती है जो बच्चों के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है.
'प्रोडक्ट की पैकेजिंग कर रही गुमराह'
कंपनी को 21 अप्रैल को दिए नोटिस में कहा गया, 'आयोग ने पाया है कि आपकी कंपनी में बना प्रोडक्ट अपनी पैकेजिंग और विज्ञापनों के माध्यम से ग्राहकों को गुमराह कर रहा है. इसके अलावा, आपके प्रोडक्ट की लेबलिंग और पैकेजिंग भी प्रोडक्ट बोर्नविटा में उपयोग की जाने वाली सामग्री के बारे में सही जानकारी नहीं देती है.'
इसने आगे कहा कि FSSAI और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के दिशानिर्देशों और विनियमों के तहत लेबलिंग में जो बातें अनिवार्य रूप से बताई जानी चाहिए, उसमें भी कंपनी असफल रही है.
खाद्य सुरक्षा मानकों (लेबलिंग और डिस्प्ले) पर FSSAI द्वारा जारी अधिसूचना के सेक्शन का हवाला देते हुए, आयोग ने कहा कि बॉर्नविटा प्रथम दृष्टया तैयारी की विधि के प्रदर्शन नियमों के मुताबिक नहीं करता है. बॉर्नविटा के डिब्बे पर इस्तेमाल की जो मात्रा बताई जाती है, उसे लेकर भी आयोग ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह नियमों का पालन नहीं करता है.

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