कोरोना काल में कैद बचपन, मेंटल हेल्थ भी हुई प्रभावित, क्या करें पैरेंट्स?
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कोरोना काल में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाला है. ऐसे में पैरेंट्स को बच्चों से बात करनी चाहिए. जानिए- एक्सपर्ट NIMHANS निदेशक डॉ प्रतिमा मूर्ति की राय...
कोविड-19 महामारी ने लोगों के जीवन को आर्थिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है. कोविड ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को जन्म दिया है. इस बीमारी ने बच्चों की जिंदगी भी बदलकर रख दी है. करीब दो साल से घरों में कैद बच्चों की बदली लाइफस्टाइल ने उनके जीवन पर असर डाला है. डॉ. प्रतिमा मूर्ति, निदेशक निमहंस, बंगलौर से जानिए कि कैसे पैरेंट्स बच्चों की मानसिक सेहत पर ध्यान दें, उनसे इस कठिन समय में कैसे डील करें. डॉ. प्रतिमा मूर्ति कहती हैं कि सबसे पहले तो लोगों में इस बात का डर है कि उन्हें कहीं कोविड संक्रमण न हो जाएं, लोग बाहर जाने से डर रहे हैं, उन्हें इस बात का भी डर है कि वह किस तरह का मास्क पहने, या वह कौन सी ऐसी सुरक्षा अपनाएं, जिससे कि वो और उनके बच्चे संक्रमण से बचे रहें. कोरोना की दूसरी लहर ने मानसिक रूप से लोगों को और तोड़ा है. पूरे परिवार के परिवार कोविड संक्रमित हो गए, इससे लोगों में खौफ और बढ़ गया. परिवार में किसी की मौत ने मानसिक और भावनात्मक रूप से भी कमजोर किया है. दूसरी लहर में लोग मनोवैज्ञानिक रूप से लोग ज्यादा परेशान हुए. मानसिक तनाव की इस स्थिति से वापस आने के लिए बहुत से लोगों के लिए काफी मुश्किल भरा होता है, कुछ अभी भी पैनिक अटैक का सामना कर रहे हैं. डॉ प्रतिमा ने कहा कि बच्चों ने लॉकडाउन के समय सबसे अधिक बदलाव का दौर देखा, बच्चे स्कूल नहीं जा पाए. उन्होंने घर पर रहकर ऑनलाइन क्लास से अपनी पढ़ाई करनी सीखी, फिर बड़ी संख्या में ऐसे भी बच्चे हैं जो ऑनलाइन क्लॉस करने में सक्षम नहीं हैं या जिनके पास शिक्षा के सीमित संसाधन हैं. डॉ प्रतिमा बताती हैं कि हाल ही में हमने एक पेटिंग प्रतियोगिता आयोजित की, जिसके माध्यम से जानने का प्रयास किया गया कि बच्चों ने लॉकडाउन को कैसे बिताया?
10-12 साल के लड़के और अश्लील कमेंट...जॉगिंग के दौरान युवती के साथ छेड़छाड़, वीडियो शेयर कर उठाए सवाल
बेंगलुरु के पास अवलाहल्ली जंगल में सुबह जॉगिंग कर रही रितिका सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि 10 से 13 साल के कुछ लड़कों ने उनके पहनावे और शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणियां कीं. रितिका ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि शुरुआत में उन्होंने बच्चों को नजरअंदाज किया, लेकिन जब बात बढ़ी तो उन्होंने उनका सामना किया.

Aaj 21 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 जनवरी 2026, दिन- बुधवार, माघ मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 13.58 बजे तक फिर शतभिषा नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में, सूर्य- मकर में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.19 बजे से दोपहर 15.01 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.33 बजे से दोपहर 13.52 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.











