
केएल राहुल को उप-कप्तानी से हटाने पर रवि शास्त्री ने दिया चौंकाने वाला बयान!
AajTak
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी दो टेस्ट के लिए किसी को उप-कप्तान नहीं बनाया गया है. केएल राहुल को बुरी फॉर्म की वजह से इस पद से हटाया गया, इस बीच टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने चौंकाने वाला बयान दिया है.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज़ जारी है, टीम इंडिया ने अभी तक सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली है. आखिरी दो टेस्ट के लिए जब टीम इंडिया का ऐलान हुआ, तब किसी को उप-कप्तान नहीं बनाया गया. खराब फॉर्म से जूझ रहे केएल राहुल से उप-कप्तानी वापस ले ली गई, इसके बाद बहस छिड़ी कि आखिर ये ज़िम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी. टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने इस विवाद पर अहम बयान दिया है. रवि शास्त्री बोले कि घरेलू टेस्ट सीरीज़ में उप-कप्तान पद होना ही नहीं चाहिए, क्योंकि यह बुरा प्रभाव होता है कि टीम का डिप्टी लीडर फॉर्म में नहीं है. रवि शास्त्री बोले कि आखिरी दो टेस्ट के लिए शुभमन गिल को भी मौका मिलना चाहिए. शास्त्री ने कहा कि टीम इंडिया का मैनेजमेंट राहुल की फॉर्म देख रहा है, साथ ही वह बाहर बैठे हुए शुभमन गिल को भी देख रहे हैं. पूर्व कोच ने कहा कि मुझे लगता है कि टीम इंडिया का उप-कप्तान नहीं बनाना चाहिए. अगर मैच में किसी वक्त कप्तान को फील्ड छोड़नी पड़ती है तो आपका कोई भी प्लेयर जिम्मेदारी संभाल सकता है. अगर उप-कप्तान फॉर्म में नहीं है, तो कोई उसकी जगह ले सकता है. घर में उप-कप्तान की जरूरत नहीं है, बाहर उसपर विचार हो सकता है. आपको बता दें कि केएल राहुल लगातार बुरी फॉर्म से जूझ रहे हैं और उनकी टीम इंडिया में जगह पर सवाल खड़े हो रहे हैं. केएल राहुल को लेकर राहुल द्रविड़, रोहित शर्मा ने बचाव किया है और उनपर भरोसा जताने की बात कही हैं. कई पूर्व क्रिकेटर्स ने लगातार मांग की है कि केएल राहुल की जगह शुभमन गिल को मौका दिया जाना चाहिए.बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज़ • पहला टेस्ट- भारत पारी और 132 रनों से जीता • दूसरा टेस्ट- भारत 6 विकेट से जीता • तीसरा टेस्ट- 1 से 5 मार्च, इंदौर • चौथा टेस्ट- 9 से 13 मार्च, अहमदाबाद

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












