
एक साथ दो जिंदगी जी रहा था सॉफ्टवेयर इंजीनियर, कॉलेज में उठाया ये 'खूंखार' कदम, राज खुलते ही 12 साल की कैद
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ये शख्स एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर अमेरिका की नामी कंपनियों में काम कर रहा था. कोई नहीं जानता था कि वो दो जिंदगियां जी रहा है. दूसरी जिंदगी का पता चलते ही उसे जेल में डाल दिया गया है. इससे सब हैरान हैं.
एक शख्स समाज में इज्जत की जिंदगी जी रहा था. वो पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था. इस बात से सब अंजान थे कि वो दो जिंदगियां जी रहा है. एक जिंदगी तो वो जिसमें सब उसकी इज्जत करते हैं. सब उसे जानते हैं. और दूसरी वो जिसके बारे में अगर पता लग जाए, तो कोई चेहरा भी न देखा. जब इसी दूसरी जिंदगी का राज दुनिया के सामने खुला, तो उसे जानने वाले लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई. किसी ने शायद ही सोचा हो कि वो इतना खूंखार भी हो सकता है.
मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, इस शख्स की पहचान 44 साल के एलेक्सी साब के तौर पर हुई है. जिसे आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ने ट्रेनिंग दी थी. अब साब को 12 साल कैद की सजा सुनाई गई है. वो अमेरिका के न्यूजर्सी में रहता था. उसे जुर्माना भी भरना पड़ा है. जिससे उसकी सजा 15 साल से घटकर 12 साल हो गई. साब केपीएमजी कंपनी में काम कर चुका है. वो माइक्रोसॉफ्ट का कर्मचारी भी रहा है. उस पर आरोप है कि उसने न्यूयॉर्क के उन प्रमुख स्थानों का पता लगाया, जिन्हें वो आतंकी हमले के लिए बेहतर मानता है. इनमें शहर के एयरपोर्ट भी शामिल हैं.
चार मामलों में पाया गया दोषी
मैनहट्टन संघीय अदालत जूरी ने मई 2022 में एक मिलाजुला फैसला सुनाया था. वो एक आतंकी समूह के लिए सामग्री सहायता प्रदान करने के आतंकवाद के आरोप को साबित नहीं कर पाई थी. अब साब को तीन मामलों में दोषी पाया गया है.
पहला- विदेशी आतंकी संगठन से मिलिट्री जैसी ट्रेनिंग लेना. दूसरा- शादी से जुड़ा फ्रॉड करने की साजिश रचना. तीसरा- झूठे बयान देना. नामित विदेशी आंतकी संगठन से मिलिट्री जैसी ट्रेनिंग लेने के मामले में अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे 10 साल की जेल होती है. वहीं साब को हिजबुल्लाह को सामग्री साहता पहुंचाने और नागरिकता के लिए आवेदन के वक्त धोखाधड़ी के मामलों में बरी कर दिया गया है.
कॉलेज में आतंकवाद से जुड़ा सुनवाई के वक्त असिस्टेंट यूएस अटॉर्नी सैम एडल्बर्ग ने कहा, 'ये एक आम शख्स की तरह रहता था. लेकिन असल में हिजबुल्लाह का स्लीपर एजेंट था, जो हमला करने के लिए तैयार बैठा है.' उन्होंने बताया कि साब जब लेबनान में कॉलेज की पढ़ाई कर रहा था, तब आतंकी संगठन ने उसकी नियुक्ति की. उसे अमेरिका में स्लीपर एजेंट बना दिया गया.

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