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अमेरिका-फ्रांस करते रहे ड्रामा! इधर कावेरी जेट इंजन की उड़ान पक्की, GTRE का मास्टरस्ट्रोक; Su-30MKI पर लगाया बड़ा दांव
Zee News
Kaveri Jet Engines Su-30MKI: गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (GTRE) ने भारतीय वायुसेना (IAF) के दो Su-30MKI विमानों को फ्लाइंग टेस्ट बेड (FTB) के रूप में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है. IAF के इस फैसले का असली मकसद भारत में बने जेट इंजनों और उनके कंपोनेंट्स की टेस्टिंग और प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी लाना है.
Kaveri Jet Engines Su-30MKI: इंडियन एयरफोर्स देसी जेट इंजन के लिए दशकों से कोशिश कर रही है. इसी कड़ी में कावेरी प्रोजेक्ट एक उम्मीद बनकर सामने आई. हालांक इसे लंबी देरी का सामना करना पड़ा है. इसका एक बड़ा कारण एक उपयुक्त फ्लाइंग टेस्ट बेड का न होना था, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में इंजन का परीक्षण करना मुश्किल हो जाता था. ऐसे में, GTRE ने Su-30MKI जैसे सिद्ध और भरोसेमंद विमान का इस्तेमाल करने का ऑफर दिया है. जिससे न सिर्फ लागत और समय की बचत होगी, बल्कि इंजन के प्रदर्शन, विश्वसनीयता और स्थायित्व पर महत्वपूर्ण डेटा भी मिलेगा, जो उसकी सफलता और प्रमाणन के लिए बेहद जरूरी है.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








