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अमेरिका-फ्रांस करते रहे ड्रामा! इधर कावेरी जेट इंजन की उड़ान पक्की, GTRE का मास्टरस्ट्रोक; Su-30MKI पर लगाया बड़ा दांव
Zee News
Kaveri Jet Engines Su-30MKI: गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (GTRE) ने भारतीय वायुसेना (IAF) के दो Su-30MKI विमानों को फ्लाइंग टेस्ट बेड (FTB) के रूप में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है. IAF के इस फैसले का असली मकसद भारत में बने जेट इंजनों और उनके कंपोनेंट्स की टेस्टिंग और प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी लाना है.
Kaveri Jet Engines Su-30MKI: इंडियन एयरफोर्स देसी जेट इंजन के लिए दशकों से कोशिश कर रही है. इसी कड़ी में कावेरी प्रोजेक्ट एक उम्मीद बनकर सामने आई. हालांक इसे लंबी देरी का सामना करना पड़ा है. इसका एक बड़ा कारण एक उपयुक्त फ्लाइंग टेस्ट बेड का न होना था, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में इंजन का परीक्षण करना मुश्किल हो जाता था. ऐसे में, GTRE ने Su-30MKI जैसे सिद्ध और भरोसेमंद विमान का इस्तेमाल करने का ऑफर दिया है. जिससे न सिर्फ लागत और समय की बचत होगी, बल्कि इंजन के प्रदर्शन, विश्वसनीयता और स्थायित्व पर महत्वपूर्ण डेटा भी मिलेगा, जो उसकी सफलता और प्रमाणन के लिए बेहद जरूरी है.
