
अफ्रीका, जापान में सफल होने के बाद अब बेंगलुरु में बिजनेस कर रहा ये शख्स, बताया- भारत में क्यों है फायदा?
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एक जापानी स्टार्टअप फाउंडर ने बेंगलुरू में रहने का अपना अनुभव एक इंटरव्यू में शेयर किया. वे यहां साल 2024 से रह रहे हैं. उनके ऑफिस में काम कर रहे भारतीयों की लगन और सकारात्मक ऊर्जा से वे बहुत प्रभावित हैं.
जापानी माइक्रोफाइनेंसिंग स्टार्टअप हक्की के फाउंडर रेजी कोबायाशी ने जापान और अफ्रीका में बिजनेस सफल होने के बाद भारत के बेंगलुरु शहर को चुना. उन्होंने अब ये बताया है कि आखिर उन्होंने अपने बिजनेस के लिए बेंगलुरु को ही क्यों चुना है.
अलग-अलग क्षेत्रों में किया है बिजनेस
बिजनेस इंसाइडर को दिए एक इंटरव्यू में रेजी कोबायाशी बताते हैं कि ग्रेजुएशन के आखिरी साल में पढ़ाई छोड़कर उन्होंने जापान में वेब मार्केटिंग बिजनेस शुरू करने का फैसला किया. कुछ समय बाद उस बिजनेस को बेचकर उन्होंने रियल एस्टेट की तरफ रुख किया और इससे जुड़ी एक शेयर हाउस कंपनी खोली. फिर साल 2018 में वो एक नए बिजनेस के लिए केन्या शिफ्ट हो गए.
कैसे हुई हक्की की शुरुआत?
कोबायाशी कहते हैं कि केन्या में उनका पहला साल बहुत मुश्किल था. हालांकि वो इससे पहले भी कई बिजनेस कर चुके थे, लेकिन वहां के बाहरी इन्वेस्टरों से एक नए स्टार्टअप के लिए फंड जुटाने में बहुत मशक्कत करनी पड़ी. आखिर उन्होंने अपने पैसे निवेश करके हक्की नाम का एक माइक्रोफाइनेंंसिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया जो लोगों को लोन पर गाड़ी खरीदने की सुविधा देता है. क्योंकि मार्केट में उस समय लोन पर गाड़ी खरीदने के सीमित विकल्प थे, इसलिए ये बिजनेस काफी चल गया. साल 2024 तक हक्की 3,500 से ज्यादा फाइनेंस कर चुकी है.
भारत आने का कारण

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