
अगर 50,000 रुपये है सैलरी, तो PF पर ब्याज घटने से होगा इतना नुकसान
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ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने पीएफ जमा पर मिलने वाले ब्याज को घटाकर 8.1% करने का फैसला किया है. ऐसे में अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपये महीना है तो जानिए आपको कितना नुकसान होने वाला है.
कर्मचारियों के भविष्य की गारंटी माने जाने वाले पीएफ डिपॉजिट (PF Deposit) पर ईपीएफओ (EPFO) ने ब्याज दर घटाने का फैसला किया है. ऐसे में अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 50,000 रुपये महीना है तो यहां जानें कि सालभर में उसके पीएफ डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज की रकम में अब उसे कितना नुकसान होगा. सबसे पहले ये जान लें कि EPFO ने ब्याज दर 8.5 से घटाकर 8.1 प्रतिशत कर दिया है.
इतना पीएफ होता है जमा
एक कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) को जोड़कर जो राशि बनती है उसका 12% हिस्सा उसके पीएफ खाते में जमा किया जाता है. इस हिसाब से यदि किसी कर्मचारी की सैलरी 50,000 रुपये महीना है और उसकी बेसिक सैलरी+महंगाई भत्ता मिलाकर कुल राशि 20,000 रुपये महीना बैठती है, जो उसके पीएफ खाते (EPF Account) में एम्प्लॉई शेयर के तौर पर हर महीने 2,400 रुपये जमा होंगे.
एम्प्लॉयर जमा करता इतने पैसे
पीएफ खाते में कर्मचारी के नियोक्ता यानी कि एम्प्लॉयर को भी 12% का ही अंशदान करना होता है. लेकिन इसमें से 8.33% राशि कर्मचारी के पेंशन फंड (EPS Fund) में जाती है और बाकी 3.67% की राशि ही पीएफ खाते में जाती है. इस हिसाब से अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 50,000 रुपये है तो एम्प्लॉयर उसके पीएफ खाते में 734 रुपये जमा करेगा. बाकी 1,666 रुपये उसके पेंशन खाते में जाने चाहिए. लेकिन कोई एम्प्लॉयर पेंशन खाते में अधिकतम 1,250 रुपये महीना ही जमा कर सकता है. इस हिसाब से बची हुई 416 रुपये की राशि भी कर्मचारी के पीएफ फंड में जाएगी. इस पर एम्प्लॉयर की ओर से उसके पीएफ खाते में हर महीने 1,150 रुपये जमा किए जाएंगे.
सालभर में जमा होगा इतना पीएफ













