
Weather forecast Today: उत्तर भारत में जारी रहेगा शीतलहर का कहर, इन राज्यों में होगी छिटपुट बारिश, जानें मौसम का हाल
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Weather forecast: मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी 17 जनवरी को मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, रायलसीमा और आंध्र प्रदेश में मध्यम बारिश होगी. वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर जारी रहेगी.
Weather Forecast Today, 17 January 2022: उत्तर भारत में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है. भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने अगले दो दिनों तक दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड का अनुमान व्यक्त किया है. मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा और बिहार के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाया रहेगा. ♦ Cold Day to Severe Cold Day Conditions in some/isolated pockets very likely over Punjab, Haryana, Chandigarh & Delhi, West Uttar Pradesh, Madhya Pradesh and Rajasthan during next 2 days and over East Uttar Pradesh during next 3 days.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










