
VIRAL: जब गिले-शिकवे दूर कर मिले श्रीसंत-हरभजन, फैंस को याद आया ‘स्लैपगेट’!
AajTak
भारतीय क्रिकेटर श्रीसंत ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर हरभजन सिंह के साथ तस्वीरें साझा की हैं. इस तस्वीर को देखकर लोगों को आईपीएल में हुआ स्लैपगेट याद आ गया.
टी-20 वर्ल्डकप 2007 में जब भारत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, उस आखिरी कैच को लपकने वाले पूर्व क्रिकेटर एस. श्रीसंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं. मैच फिक्सिंग के आरोपों को पीछे छोड़ श्रीसंत अब क्रिकेट के मैदान पर वापसी कर चुके हैं. हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर तस्वीर साझा की है, जिसमें वह पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह के साथ हैं. श्रीसंत-भज्जी की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रही है. (Sreesanth Instagram)
एस. श्रीसंत ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम पर हरभजन सिंह के साथ तस्वीरें साझा की. श्रीसंत ने साथ में लिखा कि लीजेंड हरभजन सिंह के साथ. शानदार शाम के लिए शुक्रिया. भज्जू पा को काफी प्यार और सम्मान. श्रीसंत द्वारा साझा की गई तस्वीर लोगों को काफी पसंद आ रही है.
बता दें कि श्रीसंत और हरभजन सिंह का भी अपना एक इतिहास रहा है. जब श्रीसंत क्रिकेट की फील्ड पर एक्टिव थे, तब एक बार आईपीएल में दोनों के बीच विवाद हुआ था. श्रीसंत ने आरोप लगाया था कि मैच खत्म होने के बाद हरभजन सिंह ने उन्हें चांटा मारा था.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत से हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. मोहम्मद आमिर ने 90 के दशक वाली टीम से तुलना करते हुए मौजूदा स्क्वॉड पर सवाल उठाए. शाहिद आफरीदी ने बड़े बदलाव की मांग की, जबकि शादाब खान ने प्रदर्शन से जवाब दिया. अब शादाब के बयान पर बासित अली भड़क उठे हैं.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.










