
Vipreet Rajyog 2025: 28 नवंबर को शनि मार्गी होकर बनाएंगे विपरीत राजयोग, इन राशियों को होगा लाभ
AajTak
Vipreet Rajyog 2025: 28 नवंबर को जब शनि मीन राशि में मार्गी होंगे, तब बन रहा विपरीत राजयोग कई राशियों के लिए बदलाव लेकर आएगा. इस संयोग से कई राशियों की किस्मत चमकने वाली है. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
Vipreet Rajyog 2025: नवग्रहों में शनि को न्याय और कर्मफल के देवता के रूप में जाना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही परिणाम देते हैं. जब कोई ग्रह अपनी स्थिति या चाल बदलता है, तो उसका असर सभी राशियों पर देखा जाता है. करीब 138 दिनों तक शनि वक्री अवस्था में मीन राशि में स्थित रहे, लेकिन अब 28 नवंबर 2025 को वे पुनः मार्गी हो जाएंगे. शनि की इस दिशा परिवर्तन से एक विशेष विपरीत राजयोग का निर्माण होगा, जो कुछ राशियों के जीवन में बड़ा परिवर्तन और नए अवसर लेकर आएगा. आइए जानते हैं उन शुभ राशियों के बारे में.
1. वृषभ
शनि के मार्गी होने से वृषभ राशि वालों के लिए रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी. अब तक जो प्रयास कर रहे थे, उनमें सफलता मिलेगी. व्यवसाय में नए अवसर और निवेश से लाभ के योग बन रहे हैं. परिवार और करियर दोनों में स्थिरता लौटेगी.
2. सिंह
शनि मार्गी होकर सिंह राशि वालों की मेहनत को सही दिशा देने जा रहे हैं. राह की रुकावटें खत्म होंगी. पुराने प्रयासों से अचानक सफलता मिलेगी. जो लोग बिजनेस या नई साझेदारी की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा. भाग्य आपका साथ देगा. योजनाएं सफल होंगी.
3. मीन

क्या एलॉन मस्क एक स्मार्टफोन लॉन्च करने वाले हैं? इसकी चर्चा मस्क के एक कमेंट के बाद शुरू हुई है. मस्क ने X पर Starlink Phone को लेकर एक यूजर के कमेंट का जवाब दिया है. मस्क ने कहा कि ऐसा होना असंभव नहीं है. हालांकि, उनका फोन मौजूदा स्मार्टफोन्स से काफी अलग होगा, जो मैक्सिमम परफॉर्मेंस पर फोकस करेगा.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.










