
UPSC CMS Scorecard 2021: आयोग ने जारी किए NRC कैंडिडेट्स के मार्क्स, ऐसे करें डाउनलोड
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UPSC CMS 2019 Marks: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा 2019 के लिए गैर-अनुशंसित उम्मीदवारों (Non-Recommended Candidates) के स्कोर जारी कर दिए हैं. उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट से इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं.
UPSC CMS 2019 Marks: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा- 2019 के गैर-अनुशंसित उम्मीदवारों (Non-Recommended Candidates) के स्कोर जारी कर दिए हैं. ऐसे सभी उम्मीदवार जो UPSC CMS 2019 परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट से स्कोर डाउनलोड कर सकते हैं. आयोग ने 27 दिसंबर 2019 को संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा, 2019 के अंतिम परिणाम और 15 मार्च 2021 को जारी इस परीक्षा की आरक्षित सूची घोषित की थी. इस परीक्षा के 726 गैर-अनुशंसित उम्मीदवारों के स्कोर (कुल 600 अंकों में से) और अन्य विवरण जारी कर दिए गए हैं. दरअसल, जिन उम्मीदवारों ने इंटरव्यू दिया और डिस्कलोजर योजना के तहत अपने विवरण के डिस्कलोजर का ऑप्शन चुना है, उनके परीणाम (Sarkari Result) upsc.gov.in पर अपलोड किए गए हैं.
पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










