
Shubman Gill: नए कप्तान शुभमन गिल का इंग्लैंड दौरे पर होगा 'लिटमस टेस्ट', 5 साल में चढ़ता-उतरता रहा बल्लेबाजी ग्राफ
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25 साल के गिल के नेतृत्व में टीम इंग्लैंड में 5 मैचों की सीरीज खेलेगी. यह गिल की कप्तानी में टीम की पहली परीक्षा होगी. सीरीज का पहला टेस्ट लीड्स में 20 जून से खेला जाएगा. दूसरी तरफ गिल को अपनी बल्लेबाजी से भी मैच का रुख बदलना होगा.
टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत कर रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय टीम रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों के बिना टेस्ट क्रिकेट में उतरेगी. 25 साल के गिल के नेतृत्व में टीम इंग्लैंड में 5 मैचों की सीरीज खेलेगी. यह गिल की कप्तानी में टीम की पहली परीक्षा होगी. सीरीज का पहला टेस्ट लीड्स में 20 जून से खेला जाएगा.
दोनों मोर्चे पर अपना दमखम दिखाना होगा
सच तो यह है कि इस इंग्लैंड दौरे में गिल को दोनों मोर्चे पर अपना दमखम दिखाना होगा. एक तो भारत ने आखिरी बार 2007 में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज की थी. ऐसे में गिल के सामने पहली बार कप्तान के तौर पर उस उपलब्धि को दोहराने की चुनौती है. दूसरी तरफ गिल को अपनी बल्लेबाजी से भी मैच का रुख बदलना होगा.
कुछ ही दिन पहले गिल का इंटरव्यू लेने वाले दिनेश कार्तिक ने कहा था, ‘मुझे नहीं लगता कि उन्हें अभी तक भारत के लिए टेस्ट कप्तान होने के महत्व का एहसास हुआ है. वह शेर की मांद में जा रहे हैं. एक क्रिकेट राष्ट्र के तौर पर इंग्लैंड में आना आसान नहीं है.’
SENA देशों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे
गिल ने भारत के लिए 32 टेस्ट खेले है, लेकिन SENA (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) देशों में वह नियमित तौर पर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं. सिर्फ इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट मैचों में उनके प्रदर्शन की बात करें तो यह और भी निराशाजनक रहा है. उन्होंने वहां 3 टेस्ट मैचों की 6 पारियों में महज 88 रन बनाए है. इनमें से एक मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ जून 2021 में साउथैम्प्टन में खेला गया वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल भी शामिल है.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












