
Pakistan Cricket Board: बाबर आजम फिर बनेंगे कप्तान? शान मसूद और शाहीन आफरीदी ने बोर्ड का भरोसा खोया!
AajTak
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) बाबर आजम को दोबारा कप्तान नियुक्त कर सकता है. दरअसल, उसे राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व करने के लिए शान मसूद और शाहीन शाह आफरीदी की क्षमता पर भरोसा नहीं रह गया है
PCB looking to bring Babar Azam back: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पूर्व कप्तान बाबर आजम को दोबारा लाने पर विचार कर रहा है. पीसीबी को राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व करने के लिए शान मसूद और शाहीन शाह आफरीदी की क्षमता पर भरोसा नहीं रह गया है. पाक बोर्ड को लगता है कि पूर्व कप्तान बाबर आजम एक बार फिर टीम की कप्तानी के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प हैं.
वनडे वर्ल्ड के दौरान पाकिस्तान की हुई थी फजीहत
पिछले साल भारत में वनडे वर्ल्ड के दौरान पाकिस्तान के ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाने के बाद बाबर ने सभी प्रारूपों में टीम की कप्तानी छोड़ दी थी. मसूद को जहां टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया तो वहीं शाहीन को टी20 टीम का कप्तान बनाया गया.
पीसीबी थिंक टैंक के सूत्रों ने कहा कि बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि कोई व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण बाबर फिर से टीम का नेतृत्व करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प हैं.
शान मसूद और शाहीन आफरीदी का क्या होगा?
एक सूत्र ने बताया,‘मजेदार बात यह है कि ऐसा प्रतीत होता है कि बोर्ड के अध्यक्ष में बदलाव के साथ ही पदाधिकारियों ने टेस्ट और टी20 प्रारूपों में राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व करने की शान मसूद और शाहीन शाह आफरीदी की क्षमता पर भरोसा खो दिया है.’

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत से हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. मोहम्मद आमिर ने 90 के दशक वाली टीम से तुलना करते हुए मौजूदा स्क्वॉड पर सवाल उठाए. शाहिद आफरीदी ने बड़े बदलाव की मांग की, जबकि शादाब खान ने प्रदर्शन से जवाब दिया. अब शादाब के बयान पर बासित अली भड़क उठे हैं.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.










