
Mood of the nation में BJP के सामने क्यों नहीं टिका INDIA गठबंधन
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देश में अगर आज चुनाव हुए तो इसके नतीजे क्या होंगे, इसके बारे में बताता सीवोटर का सर्वे आया है, आज संसद में वाइट पेपर-ब्लैक पेपर पेश किया गया, बीजेपी यूपीए के 10 सालों का लेखा जोखा क्यों दे रही है और कांग्रेस ने अपने ब्लैक पेपर में क्या आरोप लगाए हैं, क्या BJP-RLD में गठबंधन होने वाला है, क्यों भारत म्यांमार से लगी अपनी सीमा पर बाड़ाबंदी कर रहा है, सुनिए दिन भर में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
चंद महीनों में देश का सबसे बड़ा चुनावी मेला लगने वाला है. इसके लिए नए चुनावी समीकरण बन रहे हैं और कुछ पुराने टूट भी रहे हैं. चुनावी साल में हर नुककड़- चौराहे पर बस यही चर्चा होती है कि कौन जीत रहा है, सरकार किसकी आ रही है. तो पब्लिक ओपिनियन और ट्रेंड्स पर सर्वे और रिसर्च करने वाली एजेंसी सी वोटर ने 15 दिसंबर 2023 से 28 जनवरी के बीच एक सर्वे किया - मूड ऑफ़ द नेशन. बेसिकली इसमें ये बताया गया है कि देश में अगर आज चुनाव होते हैं तो उसके नतीजे क्या होंगे. इंडिया टुडे और आजतक पर लगातार मूड ऑफ़ द सर्वे से जुड़े आंकड़े दिखाए जा रहे हैं. अब तक के नतीजे केंद्र की सत्ता में बीजेपी की हैट्रिक लगने की तरफ इशारा करते हैं. इस पॉडकास्ट को रिकॉर्ड किये जाने तक 484 सीटों पर सर्वे के नतीजे सामने आ चुके हैं और इनमें बीजेपी और उसके सहयोगी संगठन 300 का आंकड़ा पार करती नज़र आ रही है.
इस सर्वे में देश की सभी 543 लोकसभा सीटों से कुल मिलाकर 35 हज़ार लोगों के साथ बातचीत की गई. इसके अलावा सीवोटर के रेगुलर ट्रैकर डेटा से 1 लाख 13 हज़ार लोगों के ओपिनियन भी इकठ्ठा किये गए हैं. अब तक इस सर्वे की जो फाइंडिंग रही है, उस हिसाब से देश में अगर आज चुनाव हुए तो उत्तर प्रदेश में बीजेपी की झोली में 72 सीटें जा सकती हैं. हालाँकि, राज्य के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का दावा है कि वो 80 की 80 सीटें जीतने वाले हैं.
मूड ऑफ़ द नेशन सर्वे के मुताबिक, देश की सबसे ज्यादा संसदीय सीटों वाले UP में बीजेपी का वोट शेयर 49 फीसदी से बढ़कर 52 फीसदी के पार पहुंच सकता है. वहीं कांग्रेस को एक और समाजवादी पार्टी को सात सीटें मिलने का अनुमान सर्वे में लगाया जा रहा है. यूपी में बीजेपी एक बार फिर 2014 वाला परफॉरमेंस दोहराने की वजह क्या है, यूपी के अलावा बीजेपी को और किन राज्यों में फ़ायदा हो सकता है, किन मुद्दों की वजह से बीजेपी को ऐतिहासिक सफ़लता मिलने की संभावना जताई जा रही है, विपक्ष क्यों पीछे रह गया? सुनिए 'दिन भर' की पहली ख़बर में.
आज मोदी सरकार की तरफ से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में श्वेत पत्र यानी व्हाइट पेपर पेश किया. जिसमें मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार के 10 सालों के बारे में आरोप लगाते हुए उनके मैनेजमेंट को आर्थिक कुप्रबंधन यानी इकोनॉमिक मिस मैनेजमेंट कहा है.
इससे पहले आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल को लेकर ब्लैक पेपर पेश किया. पीएम मोदी ने आज राज्यसभा के सांसदों की विदाई के वक़्त पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की तारीफ़ की. राज्यसभा के 68 सदस्य फरवरी से मई के बीच में अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं. सरकार के व्हाइट पेपर के जवाब में कांग्रेस ब्लैक पेपर लेकर आई. इसमें कांग्रेस ने क्या-क्या आरोप लगाए हैं और किन मुद्दों पर सरकार को घेरा है? सुनिए 'दिन भर' की दूसरी ख़बर में.

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