
IITs में तय सीटों से ज्यादा एडमिशन, महिला छात्रों की हिस्सेदारी भी बढ़ी
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आईआईटी में एडमिशन का आंकड़ा इस साल रिकॉर्ड बना गया है. जहां 18 हजार 160 सीटें स्वीकृत थीं, वहीं 18 हजार 188 छात्रों को दाखिला मिला. यानी तय क्षमता से 28 सीटें ज्यादा भरी गईं. इसी के साथ महिला उम्मीदवारों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है, जो 20% से अधिक पहुंच गई.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में 2025 के एडमिशन लेने वाले छात्रों के दिलचस्प आंकड़े शेयर किए हैं. आंकड़ों के अनुसार, इस साल कुल 18 हजार 160 निर्धारित सीटों के मुकाबले 18 हजार 188 सीटें आवंटित हुई हैं यानी 28 सीटें क्षमता से अधिक.
खास बात यह भी रही कि महिला प्रतिनिधित्व में हल्की बढ़त दर्ज की गई है. नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक 3 हजार 664 महिला उम्मीदवारों को एडमिशन मिला, जो कुल आवंटन का 20.15% है.IIT मद्रास, IIT रुड़की और IIT तिरुपति जैसे संस्थानों में महिलाओं की हिस्सेदारी राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा रही है.
निर्धारित सीटों से ज्यादा एडमिशन
उदाहरण के लिए, IIT बॉम्बे ने अपनी स्वीकृत कुल 1 हजार 360 सीटों की क्षमता के मुकाबले 1 हजार 364 सीटें आवंटित की हैं. जबकि आईआईटी दिल्ली ने 1 हजार 239 सीटों की तुलना में 1 हजार 241 सीटें आवंटित की. इसी तरह, आईआईटी खड़गपुर ने 1919 स्वीकृत सीटों के मुकाबले 1923 छात्रों को प्रवेश दिया है. आईआईटी हैदराबाद ने 630 कुल छात्रों के मुकाबले 631 छात्रों को प्रवेश दिया.
लगातार बढ़ रहा एडमिशन
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने 1 हजार 210 सीटों के मुकाबले 1 हजार 213 छात्रों का दाखिला करवाया है. इसके साथ ही आईआईटी मद्रास ने अपनी 1 हजार 121 सीटों की क्षमता के मुकाबले 1 हजार 124 सीटें आवंटित की हैं. आईआईटी कानपुर ने भी 1210 की स्वीकृत क्षमता के मुकाबले पांच अतिरिक्त छात्रों यानी कुल 1 हजार 215 को प्रवेश दिया है.

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