
IIT JEE Advanced Attempts: अब तीन बार दे सकेंगे जेईई एडवांस्ड की परीक्षा, IIT ने बढ़ाए अटेंप्ट
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आईआईटी में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवारों की वर्षों पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए, इस बार अटेंप्ट की संख्या में बदलाव किया गया है. अब उम्मीदवारों को तीन वर्षों के भीतर तीन बार जेईई एडवांस परीक्षा देने की अनुमति होगी. पहले यह अवसर अधिकतम दो बार ही मिल सकता था, लेकिन इस नए बदलाव से हर वर्ष दो लाख से अधिक उम्मीदवारों को आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए एक अतिरिक्त मौका मिलेगा.
आईआईटी प्रवेश के लिए जेईई मेन की रैंकिंग के आधार पर 2.5 लाख उम्मीदवारों को एडवांस में बैठने का मौका मिलेगा, जिसमें विभिन्न आरक्षित सीटें होंगी. वर्ष 2023 और 2024 में 12वीं उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी इस परीक्षा के लिए पात्र हैं. पहले जोसा काउंसिलिंग के माध्यम से आईआईटी में प्रवेश ले चुके उम्मीदवार पात्र नहीं होंगे, जबकि एनआईटी में प्रवेश लेने वाले जेईई एडवांस में भाग ले सकते हैं. परीक्षा संभावित तिथि 26 मई या 2 जून 2025 है.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) द्वारा संचालित जेईई एडवांस 2025 परीक्षा के लिए आधिकारिक वेबसाइट मंगलवार को लॉन्च कर दी गई है. अगले साल इस प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा का आयोजन आईआईटी कानपुर द्वारा किया जाएगा. अभ्यर्थियों के लिए वेबसाइट **www.jeeadvance.com** पर सभी नवीनतम निर्देश और आवश्यक जानकारियां उपलब्ध करवाई गई हैं. इस वेबसाइट के जारी होने के साथ ही उम्मीदवारों को परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों को समझने का अवसर मिलेगा.
परीक्षा में अटेंप्ट की संख्या में वृद्धि आईआईटी में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवारों की वर्षों पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए, इस बार अटेंप्ट की संख्या में बदलाव किया गया है. अब उम्मीदवारों को तीन वर्षों के भीतर तीन बार जेईई एडवांस परीक्षा देने की अनुमति होगी. पहले यह अवसर अधिकतम दो बार ही मिल सकता था, लेकिन इस नए बदलाव से हर वर्ष दो लाख से अधिक उम्मीदवारों को आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए एक अतिरिक्त मौका मिलेगा. इस महत्वपूर्ण बदलाव से उम्मीदवारों को राहत मिलने के साथ ही प्रतिस्पर्धा का स्तर भी बढ़ेगा, क्योंकि अब छात्र तीन बार इस परीक्षा में अपने लक्ष्य को हासिल करने के प्रयास कर सकेंगे.
छह वर्षों के अंतराल पर रोटेशन आमतौर पर, हर छह साल बाद एक पुराने आईआईटी को रोटेशन में जेईई एडवांस के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है. 14 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, आईआईटी कानपुर को 2018 में भी इस परीक्षा का आयोजन करने का दायित्व मिला था. अब, 2025 में फिर से आईआईटी कानपुर को यह जिम्मेदारी मिली है. अन्य संस्थानों में आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी मद्रास, आईआईटी रुड़की और आईआईटी गुवाहाटी शामिल हैं, जिन्होंने विभिन्न वर्षों में जेईई एडवांस का सफलतापूर्वक आयोजन किया है.
चयन प्रक्रिया और सीटों का आरक्षण जेईई मेन की रैंकिंग के आधार पर शीर्ष 2.50 लाख अभ्यर्थियों को जेईई एडवांस में शामिल होने का अवसर मिलेगा। परीक्षा में शामिल होने वाले इन छात्रों को कई आरक्षित सीटें उपलब्ध होंगी, जिनमें 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग), 27 प्रतिशत ओबीसी-एनसीएल (अन्य पिछड़ा वर्ग), 15 प्रतिशत एससी (अनुसूचित जाति), 7.5 प्रतिशत एसटी (अनुसूचित जनजाति) और शेष 40.5 प्रतिशत सीटें ओपन कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस आरक्षण व्यवस्था से विभिन्न वर्गों के छात्रों को आईआईटी में प्रवेश पाने का उचित मौका मिलेगा.
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया वर्ष 2023 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र 2025 के जेईई एडवांस में आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा, वर्ष 2024 में उत्तीर्ण हुए छात्र भी इस परीक्षा में आवेदन कर सकेंगे. हालांकि, 2022 या इससे पहले 12वीं पास करने वाले उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे. जो उम्मीदवार पहले जोसा काउंसिलिंग के माध्यम से किसी आईआईटी में प्रवेश ले चुके हैं, उन्हें जेईई एडवांस में फिर से शामिल होने का अवसर नहीं मिलेगा. हालांकि, जो छात्र जेईई मेन के माध्यम से एनआईटी में प्रवेश ले चुके हैं, वे इस परीक्षा में हिस्सा ले सकते हैं.

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