
China: और ज्यादा ताकतवर हुए शी जिनपिंग, रिकॉर्ड तीसरी बार राष्ट्रपति बनने पर संसद ने लगाई मुहर
AajTak
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल पर संसद की मुहर लग गई है. 2012 में सत्ता संभालने वाले जिनपिंग कम्युनिस्ट पार्टी के ऐसे पहले नेता होंगे जिन्हें लगातार तीसरा कार्यकाल मिला है. इसके साथ ही उनके आजीवन राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ हो गया है.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के तीसरी बार राष्ट्रपति बनने पर मुहर लग गई है. शी जिनपिंग को 14वीं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) के वर्तमान सत्र में सर्वसम्मति से पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) का अध्यक्ष और केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) का अध्यक्ष चुना गया गया. शुक्रवार को चीन की संसद ने उनके तीसरे पंचवर्षीय कार्यकाल का सर्वसम्मति से समर्थन किया. पांच साल में एक बार होने वाली कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस ने पिछले साल अक्टूबर में 69 वर्षीय शी को फिर से अपना नेता चुना था. शी जिनपिंग कम्युनिस्ट पार्टी के पहले नेता हैं जिन्हें तीसरी बार कार्यकाल मिला है, उनसे पहले पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग ने दो बार अपने पांच-पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था.
आजीवन सत्ता पर रहेंगे काबिज
चीन की विधायिका नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी), जिसे अक्सर रबर स्टैंप संसद के रूप में जाना जाता है, उसने जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल पर मुहर लगा दी. इस दौरान जिनपिंग के सत्ता में रहने के लिए पार्टी की अपेक्षित लाइन पर मतदान हुआ. इसके साथ ही शी जिनपिंग के अब आजीवन अपने देश की सत्ता पर काबिज रहने का रास्ता साफ हो गया है. दरअसल पहले चीनी नेताओं की सत्ता पर काबिज रहने की सीमा केवल दो बार की थी जिसे जिनपिंग ने 2018 में खत्म कर दिया. पिछले अक्टूबर कांग्रेस के दौरान उन्हें सीपीसी का महासचिव चुना गया था. यह वह पद है जिसके पास पार्टी के शीर्ष फैसले लेने का पूरा अधिकार होता है और वह पार्टी में शीर्ष पदों के लिए चुनाव करता है.
शी के करीबी भी शीर्ष पदों पर होंगे काबिज
नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के इस साल के वार्षिक सत्र को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह चीनी सरकार के नेतृत्व में दस साल में एक बार बदलाव की शुरुआत यहीं से होती है. इसमें प्रीमियर भी शामिल होता है जो राज्य परिषद, केंद्रीय मंत्रिमंडल की अध्यक्षता करता है. वर्तमान प्रीमियर ली केकियांग का कार्यकाल इस वर्ष के एनपीसी सत्र के साथ समाप्त होगा. उनके उत्तराधिकारी के रूप से ली किआंग के चुने जाने की उम्मीद है जो शी के करीबी सहयोगी हैं. शनिवार को यह चुनाव होने संभावना है.
शी के लिए कम नहीं हैं चुनौतियां

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.










